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रहस्यमयी बुखार से यूपी में हाहाकार, अस्पतालों में नहीं मिल रही मरीजों को जगह

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 September 2021, 8:58 IST

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से कम हो रहे हैं लेकिन अब वायरल फीवर और डेंगू के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. कई जिलों में तो हालात बेकाबू होते जा रहे हैं जहां अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं मिल रही है. फिरोजाबार, मथुरा, एटा, कासगंज, मैनपुरी और कानपुर समेत राज्य के कई जिलों में बच्चों सममेत कई लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि प्रशासन इन मौतों को डेंगू से होने वाली मौतें नहीं मान रहा है. जिसके चलते लोग डर में हैं कि कहीं ये कोई रहस्यमयी बुखार तो नहीं है. कानपुर में तो हालात ऐसे हो गए हैं कि जहां रहस्यमयी बुखार के मामले आने के बाद की गांवों के लोग घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाने लगे हैं जिससे वह अपने परिवार को बचा सके.

वहीं मैनपुरी जनपद में प्रशासन ये तय नहीं कर पा रहा कि आखिर ये मौतें हो किस बीमारी से रही हैं. मैनपुरी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई है. अस्पतालों में मरीजों की इतनी संख्या हो गई है कि उन्हें भर्ती करना तक मुश्किल हो गया है. मरीजों को बैड तक नहीं मिल पा रहे हैं. जिसके चलते मरीजों का बेंच पर ही इलाज किया जा रहा है. जिला अस्पताल में डेंगू और बुखार के चलते अब तक 14 हजार 884 मरीज इलाज के लिए पहुंचे चुके हैं. डेंगू के मरीज आगरा और सैफई  में इलाज के लिए रेफर किए जा रहे हैं. पिछले एक महीने में यहां 20 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं अस्पताल प्रशासन भले 20 मौत की बात मान रहा है, लेकिन जिले के सीएमओ इस बारे में बात भी नहीं करना चाहते. एसडीएम ऋषिराज का कहना है कि मौत किस वजह से हुई हैं अभी इसकी जांच ही चल रही है.


कानपुर के गांवों से हो रहा लोगों का पलायन

रहस्यमयी बुखार का डर लोगों में इस कदर है कि वह घर छोड़कर जाने को मजबूर हो गए हैं. कानपुर के कुरसौली गांव से तमाम लोग पलायन कर चुके हैं और कई लोग यहां से जाने की तैयारी कर रहे हैं. वायरल फीवर और डेंगू ने गांव के 300 से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है. कई लोगोंं में वायरल फीवर या फिर डेंगू बुखार की भी पुष्टि हुई है. कुुरसौली गांव में अब तक डेंगू के 26 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है जबकि गांव वालों की माने तो 10 लोग मौसमी बुखार से अपनी जान गंवा चुके हैं. जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले 15-20 दिनों से गांव में कैंप कर रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम के बावजूद गांववालों का भरोसा स्वास्थ्य विभाग से पूरी तरह उठ चुका है. ऐसे में वो गांव छोड़कर दूसरे गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां पलायन कर रहे हैं.

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First published: 14 September 2021, 8:58 IST
 
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