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यूपी में नगर निकाय चुनाव में EVM का होगा इस्तेमाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2017, 10:20 IST

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर मचे घमासान के बीच खबर है कि यूपी में इस साल होने वाले नगर निकाय चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल होगा. गौरतलब है कि मुख्य विपक्षी पार्टी सपा और बसपा ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे. 

राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम को मैनेज करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा ने चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की है. इस मामले में बसपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की हुई है. इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी 15 अप्रैल को मांग की थी कि अब बैलट पेपर के जरिए चुनाव कराए जाएं. 

हालांकि इन सारी दलीलों को चुनाव आयोग ने दरकिनार कर दिया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले मुख्य निर्वाचन आयोग से मांग की थी कि उत्तर प्रदेश में 2017 के नगर निकाय चुनाव ईवीएम के बजाए बैलट पेपर से कराए जाएं. अब राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ़ किया है कि इस बार यूपी में निकाय चुनाव ईवीएम के जरिए ही होंगे.

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ईवीएम पर विपक्ष का विरोध

बसपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाए हैं. अखिलेश ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "ईवीएम में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग जवाब दे. चुनाव आयोग ये बताए कि मशीन कैसे खराब होती है. मशीन कभी भी धोखा दे सकती है. हमें ईवीएम पर भरोसा नहीं है. ईवीएम में सॉफ्टवेयर कौन डालता है, हमें नहीं मालूम. हम चाहते हैं कि वोट बैलट पेपर से हो, समाजवादी पार्टी का यही स्टैंड है. 

सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी ने 11 मार्च को यूपी चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद ईवीएम को लेकर सवाल खड़े किए थे. मायावती ने कहा था कि उनकी पार्टी को मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर भी बहुत कम वोट मिले हैं और इसके पीछे ईवीएम से छेड़छाड़ जिम्मेदार है. अंबेडकर जयंती के दिन तो मायावती ने आरोप दोहराते हुए कहा कि जिन 250 सीटों पर भाजपा कमजोर थी, वहां उसने ईवीएम में छेड़छाड़ के जरिए जीत हासिल की. 

चुनाव आयोग को चुनौती मंजूर

इस मामले में 16 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी. इस बीच चुनाव आयोग ने 10 मई से राजनीतिक पार्टियों को चैलेंज दिया है कि वे आयोग के दफ्तर पहुंचकर ईवीएम में छेड़छाड़ को साबित करके दिखाएं.

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल इस मसले पर लगातार चुनाव आयोग को निशाने पर लेते रहे हैं. केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव में आरोप लगाया था कि ईवीएम में छेड़छाड़ करके उनकी पार्टी को मिलने वाले वोट शिरोमणि अकाली दल को ट्रांसफर कर दिए गए.

ईवीएम में छेड़छाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने 13 अप्रैल को पिछली सुनवाई के दौरान सपा-बसपा की याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए 8 मई तक जवाब मांगा है.   

अरविंद केजरीवाल लगातार ईवीएम में छेड़छाड़ को लेकर चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं. (एएनआई)

सुप्रीम कोर्ट में मामला

ईवीएम में छेड़छाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने 13 अप्रैल को पिछली सुनवाई के दौरान सपा-बसपा की याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए 8 मई तक जवाब मांगा है.   

EVM मशीनों में वीवीपैट (वोटर वेरिफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल- पेपर स्लिप) के इस्तेमाल करने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है.

पिछली सुनवाई के दौरान बसपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका का वो हिस्सा वापस लिया, जिसमें यूपी चुनाव को रद्द करने की मांग की गई थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सियासी दलों को ये नसीहत भी दी है कि यह ध्यान रखना चाहिए कि बूथ कैप्चरिंग और बैलट बदलने जैसे मामलों के समाधान के लिए ईवीएम मशीनों को लाया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई तक ईवीएम के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है.
First published: 18 April 2017, 9:37 IST
 
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