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नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी: मायावती ने मुझसे कहा, मुसलमान गद्दार हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 May 2017, 17:01 IST

बहुजन समाज पार्टी के बड़े नेताओं में शुमार नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी पार्टी से बाहर कर दिए गए हैं. इस कार्रवाई पर नसीमुद्दीन ने कहा कि उन पर और उनके बेटे पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें पार्टी से निकाला गया है. पार्टी से बाहर किए जाने के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बसपा सुप्रीमो मायावती पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर वो सबूत सामने रखेंगे तो देश ही नहीं दुनिया में भूचाल आ जाएगा. उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे मैं सारे राज़ खोलूंगा और मैं सभी की जन्म कुंडली जानता हूं.

मायावती पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास अपराधियों का गिरोह है. वो मुझे, मेरे परिवार, बच्चों और पूरे प्रदेश के शुभचिंतकों को पिटवा सकती हैं. मगर मैं उन अपराधियों से नहीं डरता हूं. मैं अब पार्टी में नहीं हूं, लिहाज़ा अब मैं किसी ग़लत बात को नहीं मानूंगा. मैंने अपनी ज़िंदगी के बहुमूल्य 35 साल पार्टी के लिए लगाए हैं. 

'मायावती ने मुझसे 50 करोड़ मांगे'

नसीमुद्दीन ने कहा कि मायावती को अपने खिलाफ कुछ भी मंज़ूर नहीं. उन्होंने चुनाव के दौरान उनसे 50 करोड़ रुपयों का इंतज़ाम करने के लिए कहा. नसीमुद्दीन ने कहा, "उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी बेचकर पार्टी के लिए किसी तरह रुपयों का इंतज़ाम करो."

नसीमुद्दीन ने कहा, "1996 के चुनाव के दौरान मेरी इकलौती बेटी बीमार थी, मेरी पत्नी बार-बार मुझे फोन करके घर आने के लिए कह रही थीं. मगर मायावती के दबाव और पार्टी के कामकाज के लिए ऐसे मौक़े पर मैं नहीं गया और मेरी बेटी मर गई. मायावती के दबाव के चलते मैं मरने के बाद भी बेटी को करने भी नहीं पहुंच पाया."

नसीमुद्दीन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैंने पार्टी विरोधी काम नहीं किया, बावजूद इसके मुझे निकाला गया. यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मायावती जी ने मुझे बुलाकर पूछा कि मुसलमानों ने बसपा को वोट क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा मुसलमान गद्दार हैं."

First published: 11 May 2017, 17:01 IST
 
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