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देश के इस सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों ने रखे कदम, सपना हुआ पूरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2018, 16:19 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

देश में पहली बार सैनिक स्कूल के दरवाजे छात्राओं के लिए खोल दिए गए. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित कैप्टन मनोज पाण्डेय यूपी सैनिक स्कूल में 15 छात्राओं को प्रवेश दिया गया है. सैन‍िक स्‍कूल में इन 15 छात्राओं के दाख‍िले की राह बहुत मुश्किल थी. यहां पर करीब 2,500 छात्राएं उम्मीदवार थीं.

सभी छात्राओं की पारिवारिक पृष्ठभूमि अलग-अलग है. इन छात्रों में किसी के पिता किसान, डॉक्टर, पुलिस, के साथ शिक्षक भी हैं. बता दें कि छात्राओं को सैनिक स्कूल में प्रवेश दिए जाने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल दिया था.

स्‍कूल के प्रिंसिपल कर्नल अमित चटर्जी के मुताबिक रोजाना छात्राओं का द‍िन सुबह 6 बजे की पीटी के साथ शुरू होता है. इसे बाद 8.15 बजे सभी छात्राए प्रार्थना के ल‍िए जाती हैं. इसके बाद पढाई शुरू होती है. स्‍कूल क्‍लासेज पूरी होने के बाद उन्‍हें थोड़ा सा टाइम आराम के ल‍िए द‍िया जाता है. उसके बाद इन छात्राओं को विभिन्न खेलों में भाग लेना होता है. शाम 7 बजे से फ‍िर उनकी पढाई शुरू हो जाती है. ये छात्रा सैनिक स्कूल में पढ़कर कुछ अलग करने की चाहत लेकर यहां आई हैं.

ऐसे मिला सैनिक स्कूल में एडमिशन

स्कूल के रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट कर्नल उदय प्रताप सिंह के मुताबिक सैनिक स्‍कूल ने लड़कियों के एडमिशन के लिए ल‍िख‍ित प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया था. जिसमें करीब 2,500 लड़कियां शाम‍िल हुईं. लिखित परीक्षा पास करने के बाद लड़कियों का इंटरव्यू लिया गया. उसके बाद सिर्फ 15 लड़कियों को एडमिशन के लिए चुना गया.

बता दें कि इन छात्राओं का सैनिक स्कूल में नौवीं क्लास में एडमिशन दिया गया है. लडक‍ियों को सैन‍िक स्‍कूल में प्रवेश देने का प्रस्‍ताव बीते साल उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा गया था. छात्राओं को प्रवेश देने से पहले स्कूल ने कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर का काम खुद के खर्चे पर कराया था.

1960 में खोला गया था ये सैनिक स्कूल

बता दें कि इस स्कूल को साल 1960 में खोला गया था. देशभर में करीब 27 और सैनिक स्कूल खोले गए हैं. पिछले 57 साल से देश को सैनिकों की सौगात दे रहे इस स्कूल के 1,000 से ज्यादा छात्र अब तक सेना के अधिकारी बन चुके हैं.

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First published: 23 April 2018, 16:19 IST
 
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