Home » उत्तर प्रदेश » Flood Crisis in Bihar and some part of Eastern UP, Hundreds of Villages surrounded by water
 

बिहार और पूर्वी यूपी के इन जिलों में गहराया बाढ़ का संकट, सैकड़ों गांवों में घुसा पानी, फसल हुईं जलमग्न

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 August 2020, 23:34 IST

Flood Crisis in UP and Bihar: एक ओर पश्चिमी यूपी और दिल्ली एनसीआर में बारिश न होने के कारण उमस भरी गर्मी पड़ रही है तो वहीं पूरी यूपी और बिहार में तेज बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं. पिछले तीस घंटों से लगातार हो रही बारिश के चलते यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. साथ ही तेज बारिश के चलते कई स्थानों पर बांधों के टूटने का खतरा मंडराने लगा है. गंगा, घाघरा, राप्ती और शारदा समेत अनेक नदियां जगह-जगह उफान पर हैं. प्रदेश के 14 जिलों के सैकड़ों गांव उफनती नदियों के पानी में घिर गए हैं. बिहार में नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

आयुक्त कार्यालय से रविवार को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, आजमगढ़ और मऊ जिलों में हालात बेहद खराब है. इसके अलावा बस्ती, गोंडा, संत कबीर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर समेत सभी जिलों में बाढ़ से कुल 455 गांव प्रभावित हैं. उनमें से 98 गांवों का संपर्क बाकी इलाकों से पूरी तरह कट गया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के ठहरने के लिए 96 आश्रय स्थल बनाए गए हैं. राहत तथा बचाव कार्य के लिए 653 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं. साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए 835 नौकाएं का प्रयोग किया जा रहा है.


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भारी बारिश और बाढ़ के चलते सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल जलमग्न हो गई है. सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को फसल के नुकसान का जायजा लेकर प्रभावित किसानों को तत्काल कृषि निवेश अनुदान दिए जाने का आदेश दिया है. उन्होंने इसके साथ ही निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर स्थापित एकीकृत आपदा नियंत्रण केन्द्र और जिलों में स्थापित नियंत्रण कक्षों के जरिए बाढ़ की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाए.

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उधर बिहार में नौ नदियां एक बार फिर लाल निशान के ऊपर बहने लगी हैं. रविवार को लगातार चौथे दिन गंडक नदी अपने नए रिकार्ड पर कायम है तो बूढ़ी गंडक भी रोज ऊपर चढ़ रही है. कमला और बागमती भी रविवार को खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी. वहीं गंडक नदी में पानी के दबाव से गोपालगंज में कई जगह जमींदारी बांध टूट गया. बांध पर पशुओं और लोगों के शरण लेने के कारण मरम्मत में भी कठिनाई हो रही है. गंगा इलाहाबाद से कहलगांव तक लाल निशान से नीचे है.

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First published: 2 August 2020, 23:34 IST
 
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