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यादव सिंह मामले में बचने के लिए अखिलेश सरकार ने लुटाए 21 लाख रुपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2017, 14:20 IST

नोएडा के पूर्व इंजीनियर यादव सिंह मामले में बचने के लिए पूर्व में अखिलेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 21 लाख रुपए खर्च किए थे. ये खुलासा एक आरटीआई से हुआ है कि अखिलेश यादव के सीएम रहते हुए उनकी सरकार के लोगों ने यादव सिंह मामले में कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों को 21लाख रुपए दिए थे.

ये आरटीआई डॉ नूतन ठाकुर ने दायर की थी. आपको बता दें कि यादव सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे. नूतन द्वारा दायर जनहित याचिका पर  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले को सीबीआई को स्थानांतरित किया था.

उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर किया था जो 16 जुलाई 2015 को पहली सुनवाई के दिन ही खारिज हो गई थी. लेकिन अखिलेश यादव सरकार ने सीबीआई जांच से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया था.

दरअसल 954 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाला मामले में आयकर विभाग ने यादव सिंह और उनकी पत्नी के परिसरों पर छापे मारे थे. इन छापों में भारी मात्रा में नगदी, दो किलो सोना और हीरे के आभूषण बरामद हुए थे. विभाग ने यादव सिहं के एक  दर्जन से ज्यादा बैंक खातों और उनके द्वारा संचालित निजी फर्मों को भी अपनी जांच के दायरे में ले लिया.

नूतन ने कहा कि यह वास्तव में अफसोसजनक है कि यादव सिंह जैसे दागी को बचाने के लिए लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने इतनी भारी धनराशि खर्च की गई थी, और उन्होंने यह धनराशि इस खर्च के लिए जिम्मेदार अफसरों के जेब से वसूलने की मांग की है.

First published: 5 May 2017, 14:20 IST
 
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