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यूपी सरकार: ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई बच्चों की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 August 2017, 16:48 IST

यूपी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गोरखपुर पहुंचने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से किसी भी बच्चे की मौत नहीं हुई है.

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ये घटना गंभीर है. हमारी सरकार संवेदनशील है. मुख्यमंत्री ने हमसे बात की. किसी ने ऑक्सीजन सप्लाई के बारे में उन्हें नहीं बताया, जब वो 9 अगस्त को गोरखपुर दौरे पर आए थे.

उन्होंने कहा कि हर साल अगस्त में बच्चों की मौत होती है. अस्पताल में नाजुक हालत में बच्चे आते हैं. साल 2014 में 567 बच्चों की मौत हुई, जबकि 2015 में 668 बच्चों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "गैस की कमी से बच्चों की मौत नहीं हुई. ऑक्सीजन सप्लाई का मुद्दा देख रहे हैं. ऑक्सीजन गैस सिलेंडर शाम साढ़े 7 बजे से रात साढ़े 11 बजे तक चले. 11:30 बजे से 01:30 बजे तक सप्लाई नहीं हुई, लेकिन इस दौरान किसी बच्चे की मौत नहीं हुई."

यूपी सरकार ने कार्रवाई करते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है. उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यमंत्री (स्वास्थ्य) अनुप्रिया पटेल को तुरंत अस्पताल का दौरा करने का निर्देश दिया है. 

स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि 9 जुलाई, 9 अगस्त को सीएम हॉस्पिटल आए, लेकिन ऑक्सीजन का मुद्दा किसी ने नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि शासन की तरफ से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को पांच अगस्त को ही भुगतान भेजा गया था. मेडिकल कॉलेज के पास यह 7 अगस्त को पहुंचा, जबकि कंपनी तक 11 अगस्त को पैसे क्रेडिट हुए. इस बात की जांच की जा रही है कि भुगतान में देरी कैसे हुई.

गौरतलब है कि, मामले को तूल पकड़ने के बाद यूपी सरकार की ओर से इस मामले पर सफाई आई है. सरकार के सूचना विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है.

मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सकीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई. घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं डीएम ने 5 सदस्यीय टीम गठित की है.

First published: 12 August 2017, 16:48 IST
 
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