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हिंदू महासभा का विवादित कैलेंडर, कई मुस्लिम इमारतों को बताया शिव मंदिर

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2018, 12:50 IST

अखिल भारत हिंदू महासभा की अलीगढ़ शाखा ने एक विवादित कैलेंडर जारी किया है. इस कैलेंडर को हिंदू नववर्ष के मौके पर रविवार को जारी किया गया है. जिसमें मुस्लिमों के सबसे बड़े तीर्थ स्थल मक्का को मक्केश्वर महादेव और ताजमहल को तेजो महालय बताया गया है. इस कैलेंडर में 7 मस्जिद और मुगलकालीन स्मारकों को मंदिर बताया गया है. कैलेंडर में ये संदेश भी दिया गया है कि यहां कभी शिव मंदिर था. इसलिए शिवलिंग आज भी खंडित अवस्था में मौजूद है.

वहीं इस कैलेंडर में कुतुबमीनार को विष्णु स्तंभ, मध्यप्रदेश के कमल मौला मस्जिद को भोजशाला और काशी की ज्ञानव्यापी मस्जिद को विश्वनाथ मंदिर बताया गया है. इसके अलावा अटाला मस्जिद को अटाला देवी मंदिर और बाबरी मस्जिद को रामजन्मभूमि बताया गया है. इसमें बताया गया है कि यहां मिले राम मंदिर के अवशेष प्रमाणित करते हैं कि कभी यहां भव्य मंदिर था.

कैलेंडर के बारे में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पाण्डेय का कहना है कि देश को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए इसलिए ये कैलेंडर जारी किया गया है. पांडेय का कहना है कि ये सभी नाम वार्ष्णेय कॉलेज अलीगढ़ के इतिहास के रिटायर्ड प्रोफेसर बीपी सक्सेना ने प्रमाणिक किए हैं. पूजा शकुन पांण्डेय के मुताबिक विदेशी आक्रमणकारियों ने देश के हिंदू धर्म स्थलों को लूटा और धार्मिक स्थलों का नाम बदलकर उन्हें मस्जिद बना दिया. उनका कहना है कि अब हिंदुओं के धार्मिक स्थल उन्हें वापस कर दिए जाएं.

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First published: 20 March 2018, 12:50 IST
 
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