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इंदौर-पटना ट्रेन हादसा: अब तक 142 की मौत, पटरी में दरार से दुर्घटना की आशंका

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 November 2016, 9:46 IST
(ट्विटर)

कानपुर के पास रविवार को इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) ट्रेन हादसे में मरने वालों की तादाद 142 तक पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि 60 लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं. ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ने की आशंका है.

झांसी-कानपुर ट्रैक पर कानपुर से 60 किलोमीटर दूर रविवार सुबह तीन बजकर 10 मिनट पर पुखरायां में यह ट्रेन हादसे का शिकार हुई थी. मई 2010 में पश्चिम बंगाल में हुए ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के बाद यह सबसे बड़ा हादसा है. उस हादसे में 148 लोगों की मौत हुई थी.

कानपुर रेंज के आईजी जकी अहमद ने सोमवार सुबह समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मरने वालों की तादाद 133 बताई. वहीं दोपहर होते-होते यह आंकड़ा 142 तक पहुंच गया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से 142 लोगों की मौत की जानकारी दी है.

रेलवे के अधिकारी अनिल सक्सेना का कहना है कि कमिश्नर रेलवे सुरक्षा (पूर्वी क्षेत्र) पीके आचार्य दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. हादसे के कारणों की वे जांच कर रहे हैं.

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ट्रैक में दरार से हादसा!

पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर में 28 मई 2010 को ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. उस हादसे में 148 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी. पिछले छह साल में कानपुर में हुआ हादसा सबसे बड़ा रेल हादसा बताया जा रहा है.

कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (ईस्टर्न) पीके आचार्य को इस हादसे की जांच सौंपी गई है. पटरी क्षतिग्रस्त होने की वजह से ट्रेन के ट्रैक से उतरने की आशंका जताई जा रही है.

कमिश्नर रेलवे सेफ्टी इस पहलू की जांच करेंगे कि क्या ट्रैक क्षतिग्रस्त होना हादसे की वजह है, क्योंकि जिस तरीके से हादसे के बाद ट्रेन के डिब्बे एक के ऊपर एक चढ़ गए, उससे पटरी में दरार को वजह माना जा रहा है.

हादसे के बाद ट्रेन के कुछ कोच पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए हैं. इस बीच रेल हादसे के पीड़ितों को लेकर सोमवार सुबह एक स्पेशल ट्रेन पटना पहुंची.

कानपुर-झांसी रूट कल होगा बहाल

हादसे के बाद से कानपुर-झांसी रूट पर ट्रेनों का परिचालन ठप है. उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण श्रीवास्तव का कहना है, "कानपुर-झांसी रेलमार्ग पर यातायात 36 घंटे में शुरू हो जाएगा. हादसे के बाद से चार ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 14 ट्रेनों का रास्ता बदल दिया गया है."

इस बीच राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक आरके प्रचंड का कहना है कि विशेष बचाव दल की पांच टीमें दुर्घटनास्थल पर भेजी गई हैं. हर टीम में एनडीआरएफ के 45 कर्मी हैं.

एनडीआरएफ के डीजी का कहना है, "डिब्बों को अलग करने के लिए बचाव टीमें कटर और हाइड्रोलिक मशीनों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे डिब्बों में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके. डिब्बों के भीतर लोग फंसे हुए हैं, लिहाजा पूरी सावधानी बरती जा रही है."

12.5 लाख का मुआवजा

रेल हादसे में हताहत लोगों के परिवारों को कुल चार जगहों से मुआवजे का एलान किया गया है. रेल मंत्रालय की ओर से मृतकों के परिजनों को साढ़े तीन लाख, जबकि पीएम मोदी ने दो-दो लाख की आर्थिक मदद का एलान किया है.

रेलवे की तरफ से गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 50 हजार और मामूली घायलों को 25 हजार रुपये की मदद दी जाएगी. इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद का एलान किया है.

इसके साथ ही गंभीर रूप से घायलों को यूपी के सीएम ने 50-50 हजार और मामूली घायलों को 25-25 हजार रुपये के मुआवजे का एलान किया गया है.

मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कानपुर में अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना.

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा, "इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में मध्य प्रदेश के 23 मृतकों की पहचान हुई है. दस मृतकों के शव उनके परिवार वालों के पास भेज दिए गए हैं."

इस बीच उत्तर प्रदेश के झांसी में एक मालगाड़ी हादसे का शिकार हो गई. सोमवार सुबह झांसी में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए.

First published: 21 November 2016, 9:46 IST
 
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