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कैराना उपचुनाव: योगी आदित्यनाथ मुजफ्फरनगर दंगे और जिन्ना का नाम लेकर साध रहे हैं वोट बैंक?

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2018, 11:49 IST

उत्तर प्रदेश के कैराना में 28 मई को लोकसभा उपचुनाव होने हैंं इससे 4 दिन पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ शामली में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान वह बार-बार मुजफ्फरनगर दंगा और जिन्ना विवाद को उठा रहे थे.

उन्होंने मुजफ्फरनगर के गांव कवाल में साल 2013 में हुए जाट समुदाय के युवाओं सचिन और गौरव की हत्या की याद दिलाई. इसके अलावा कैराना पलायन को लेकर व्यापारियों का दर्द भी उठाया. उन्होंने कहा कि गन्ना हमारा मुद्दा है, लेकिन जिन्ना की तस्वीर भी नहीं लगने देंगे. उन्होंने इस रैली में तीन बार मुजफ्फरनगर दंगे को याद किया.

 

उन्होंने याद दिलाया कि एक तरफ वह लोग हैं, जिन्होंने मुजफ्फरनगर और पश्चिमी यूपी को दंगों में झोंकने का काम किया था. मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सचिन और गौरव जैसे नौजवानों की हत्या करके निर्दोष लोगों को फंसाने का कार्य किया था. कैराना का चुनाव स्पष्ट रूप से ध्रुवीकरण हो चुका है. संजीव बालियान और सुरेश राणा जैसे लोगों को उठाकर बंद किया जा रहा था. अब हमें भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी है, जिससे समाज और विकास विरोधी तत्व हावी हो जाएं.

योगी ने कहा कि हम ऐसे लोगों को हावी नहीं होने देंगे, जो समाज को दंगों में झोंकते हैं और गुंडे माफियाओं का संरक्षण करते हैं. उन्होंने कहा कि जो भारत का विकास नहीं चाहते वे सब एक मंच पर आ गए हैं. क्योंकि वह लोग भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से रोकना चाहते हैं. गरीबों, दलितों, किसानों को उनका हक मिलने रोकना चाहते हैं. कहा कि वे लोग विकास और सुशासन के दुश्मन हैं. जबकि पीएम मोदी ने देश के 125 करोड़ लोगों की जीवनशैली में परिवर्तन का कार्य किया है.

 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि पिछली सरकारें काम करतीं तो पूर्व सांसद दिवंगत हुकुम सिंह को कैराना पलायन के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन नहीं करना पड़ता. 15 महीने पूर्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल होता था. बहन बेटियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी हर जगह अराजकता होती थी.

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व्यापारियों से संगठित अपराधी गुंडा टैक्स वसूलते थे. एक साल के भीतर हमने अपराधियों को जहां पहुंचाना था, वहां पहुंचा दिया. जो भी राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाएगा अथवा व्यापारी, किसान और बहन बेटियों की जान का खतरा बनेगा, तो उसकी जान का खतरा हमारी पुलिस बनेगी. अब गुंडे घुटने टेक रहे हैं और जान बख्शने की भीख मांगते हैं.

First published: 25 May 2018, 11:06 IST
 
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