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कासगंज हिंसा : पीड़ित अकरम ने पेश की मिशाल, हमलावरों को लेकर कही ये बात

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2018, 13:28 IST

उत्तर प्रदेश के कासगंज हिंसा के बाद जहां एक तरफ जमकर राजनीति हो रही है. वहीं दूसरी तरफ इस मामले में पीड़ित अकरम सिद्दीकी ने मिशाल पेश की है. 26 जनवरी के दिन हुई सांप्रदायिक हिंसा में चंदन गुप्ता नाम के व्यक्ति की मौत हो गई है. वहीं इस हिंसक झड़प में मुसलमान समुदाय के अकरम बुरी तरह घायल हो गए थे.

दरअसल अकरम गणतंत्र दिवस के दिन अपनी पत्नी को लेकर कासगंज जाते हुए अलीगढ़ जा रहे थे. लेकिन रास्ते में वो भी इस हिंसा का शिकार हो गए. जैसे ही वो कासंगज पहुंचे तो 100 से 150 लोगों की  उपद्रवी भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया. इस हमले में वो  बुरी करह घायल हो गए. हालांकि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अकरम को बचाया. 

इस हमले में अकरम की आंख में गंभीर चोट आई हैं और उनका इलाज अस्पताल में जल रहा है. हालांकि कासंगज में चंदन गुप्ता की मौत के बाद हालात बेकाबू हुए थे. लेकिन अब हालात नियंत्रण में है. पुलिस ने अस मामले में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.  

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस मामले में यूपी सरकार सेे रिपोर्ट मांगी है. वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है.

यूपी पुलिस मने इस हिंसा में 114 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 33 लोगों का नाम एफआईआर में दर्ज है. उधर पीस कमेटी के बैनर तले दोनो पक्षों की मीटिंग हुई, जिसमें शांति व्यवस्था बनाने की अपील पर दोनों पक्षों में सहमति बनी है.

गौरतलब है कि कई मीडिया रिपोट्स में खुलासा हुआ है कि जहां दंगा हुआ वहां दोनों ही पक्षों के पास तिरंगा था और झगड़ा रास्ते को लेकर हुआ था. कासगंस के मुस्लिम बहुल बद्दूनगर के स्थानीय मुसलमानों गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा फहराने की तैयारियां की थीं और कुर्सियां बिछाईं गईं थीं.

 जब स्थानीय मुसलमान तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे थे तो उसी समय बाइकों पर सवार लोग तिरंगा यात्रा लेकर आ गए. इसके बाद तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं ने कुर्सियां हटाकर रैली वहीं से निकालने के लिए कहा. इसके बाद तनाव बढ़ा और बात गाली गलौज तक पहुंच गई.

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First published: 31 January 2018, 13:28 IST
 
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