Home » उत्तर प्रदेश » Lucknow: A group of priests, including Mahant Suresh Das, are meeting CM Yogi Adityanath over the issue of Ram temple in Ayodhya
 

राम मंदिर निर्माण के लिए पुजारियों की योगी को चेतावनी, कहा- 2019 चुनाव तक नहीं बना तो..

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 June 2018, 13:24 IST

अयोध्या राम मंदिर निर्माण को लेकर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से राम मंदिर का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है. गुरुवार को लखनऊ के दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास सहित पुजारियों के एक समूह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है. पुजारियों ने इस बैठक में कहा है कि सरकार राम मंदिर निर्माण को गंभीरता ले. नहीं तो फिर 2019 में क्या करना है इस पर हमको सोचना पड़ेगा.

न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, पुजारियों के समूह ने योगी से मुलाकात के दौरान साफ कहा है कि सरकार को राम मंदिर निर्माण को गंभीरता से लेना होगा. नहीं तो फिर साल 2019 में क्या करना है इस पर हम विचार करेंगे.

महंत सुरेश दास ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस साल राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो बीजेपी को साल 2019 में होने वाले चुनाव में नुकसान हो सकता है. पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा.

उन्होंने आगे कहा है कि केंद्र और यूपी में बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत की सरकार है, इसके अलावा देश का राष्ट्रपति भी भाजपा से ही है. अगर अब भी राम मंदिर नहीं बनाया जाता है तो फिर कब बनाया जाएगा. बीजेपी को इस मुद्दे को छोड़ना महंगा पड़ सकता है. अगर बीजेपी इससे खुद को अलग कर लेती है तो फिर 2019 में उसको जीत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

इतना ही नहीं महंत सुरेश दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मोदी सरकार ने राम मंदिर निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो अयोध्या में साधु संतों के द्वारा आंदोलन किया जाएगा. वहीं राम मंदिर के मुख्य अस्थाई पुजारी महंत सतेंद्र दास ने इस मुद्दे पर सभी साधु संतो एक साथ आने की अपील की है.

उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे पर सभी संतो एक साथ बैठकर विचार करना चाहिए. बीजेपी राम मंदिर को लेकर पीछे हटती दिखाई दे रही है. ऐसे में हमको उसके विकल्प पर विचार करना चाहिए.

वहीं दूसरी तरफ बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि अगर साधू-संत मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करना चाहते हैं तो हमको भी मस्जिद का निर्माण शुरू करा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने पर सहमति दी है.अगर हिंदू नेता कोर्ट के फैसले से पहले ही मंदिर निर्माण शुरू करेंगे, तो मुस्लिम भी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू कर देंगे. इसके लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार होगी.

First published: 7 June 2018, 13:24 IST
 
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