Home » उत्तर प्रदेश » Lucknow: Maharshi Nagar Colony near IIM devoid of development and infrastructure
 

अखिलेश के लखनऊ में 20 साल से कराहती ये कॉलोनी...

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 December 2016, 11:01 IST

जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में...गांव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में...मशहूर शायर अदम गोंडवी ने विकास योजनाओं को लेकर सरकारी इंतजाम पर सवाल उठाती ये नज्म लिखी थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि गांव ही नहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी 20 साल से एक कॉलोनी विकास की बाट जोह रही है. 

लखनऊ में देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पास यह कॉलोनी है. 20 साल पहले विकसित हुई महर्षि नगर कॉलोनी में 2 हजार मकान बन चुके हैं, लेकिन मूलभूत विकास सुविधाएं यहां न के बराबर हैं. 

कॉलोनी में 10 हजार परिवार

आईआईएम रोड लखनऊ पर भिठौली के पास इस कॉलोनी में करीब 10 हज़ार परिवार रहते हैं. कॉलोनी में नाली, सड़क तो छोड़िए खड़न्जा तक नहीं बन पाया है. 

यही नहीं बिजली के तार भी लकड़ी की बल्लियों के सहारे कॉलोनी कैंपस में कई किलोमीटर तक फैले हुए हैं. जिससे आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है. पानी की निकासी का कॉलोनी में कोई इंतजाम नहीं है. यहां सीवर लाइन का भी कोई इंतजाम नहीं है, जिससे जलभराव की समस्या हर मौसम में बरकरार रहती है. 

इलाके के लोगों के मुताबिक महर्षि नगर कॉलोनी न ही एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) में आई है और न ही नगर निगम में. कॉलोनी के लोग विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और ग्राम सभा पंचायत चुनाव में भी वोट देते हैं. ग्राम पंचायत में विकास के लिए लाखों का बजट है, लेकिन कॉलोनी विकास से महरूम है.  

तकनीकी खामी

आईआईएम तिराहे से लखनऊ शहर क्षेत्र नगर निगम के परिक्षेत्र में आता है. इसके अलावा छठामील से बीकेटी (बख्शी का तालाब) का क्षेत्र नगर पंचायत में है. 

वहीं भिठौली खुर्द और रायपुर क्षेत्र की कॉलोनियां किसी भी परिक्षेत्र में नहीं है. आईआईएम के पास स्थित इस कॉलोनी का हाल ऐसा है कि प्रदेश के बहुत से गांव भी इससे बेहतर हालत में होंगे. 

समस्याएं

1. घरों का पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिसमें सुअर गंदगी फैलाते रहते हैं. जलभराव वाली सड़क पर कॉलोनी के लोगों का निकलना मुश्किल है.

2.  सड़क पर खड़ंजा नहीं है, जिससे बच्चों का भी स्कूल जाना दुश्वार है. बच्चे और बूढ़े बरसात में स्कूल एवं अस्पताल तक नहीं जा पाते हैं.

3. बिजली के तार लकड़ी की बल्लियों के सहारे कई किलोमीटर तक घर में गए हैं.

4. जलभराव से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं. परिसरवासी क्षेत्र के विधायक, सांसद, नगर आयुक्त, खंड विकास अधिकारी की खुशामद कर-कर के थक चुके हैं. 

5. उक्त क्षेत्र खंड विकास अधिकारी चिनहट के क्षेत्र और तहसील बक्शी का तालाब में आता है. 20 साल में कभी अफसरों ने यहां के बाशिंदों की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई. कॉलोनी वालों का कहना है कि रायपुर गांव से आईआईएम रोड तक कॉलोनी वालों की सुविधा के लिए 900 मीटर लंबी सड़क बनवाई जाए.

First published: 28 December 2016, 11:01 IST
 
अगली कहानी