Home » उत्तर प्रदेश » Lucknow: Rs 7.5 crore in currency notes of 2000 seized from two cars of Ponty Chadha group at Daliganj crossing
 

लखनऊ: पॉन्टी चड्ढा के कंपनी की कार से 2000 करेंसी वाले 7.5 करोड़ जब्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2017, 13:40 IST
(एएनआई)

लखनऊ में दिवंगत कारोबारी पॉन्टी चड्ढा के कंपनी की गाड़ियों से दो हजार की नई करेंसी वाले 7.5 करोड़ रुपये जब्त हुए हैं. बताया जा रहा है कि डालीगंज क्रॉसिंग के पास पॉन्टी चड्ढा ग्रुप की दो कारों की तलाशी के दौरान ये रकम जब्त हुई है. ख़ास बात ये है कि कार्रवाई के दौरान नोटबंदी के बाद प्रचलन में आए दो हजार के नए नोटों की बड़ी खेप बरामद हुई है.

इस मामले में तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है. शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा उर्फ गुरदीप सिंह चड्ढा और उनके भाई हरदीप की उनके ही फार्म हाउस पर हुए शूटआउट में मौत हो गई थी. दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित फार्म हाउस पर 17 नवंबर 2012 को फायरिंग हुई थी. उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष एसएस नामधारी सहित 22 लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अपहरण के आरोपों में फरवरी 2013 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है.

कौन थे पॉन्टी चड्ढा?

मशहूर कारोबारी पॉन्टी चड्ढा और उसके भाई हरदीप का जन्म मुरादाबाद के एक गरीब परिवार में हुआ था. अपने करियर की शुरुआत में पॉन्टी एक शराब की दुकान के सामने अपने पिता के साथ नमकीन एवं स्नैक्स बेचा करते थे. बाद में उनके पिता को एक शराब की दुकान का लाइसेंस मिल गया और यहीं से पॉन्टी के दिन बदलने शुरू हो गए.

मुरादाबाद के रहने वाले पॉन्टी ने अपने शराब कारोबार का फैलाव यूपी, पंजाब और दिल्ली तक किया. लखनऊ में उनके वेब मल्टीपलेक्स का उद्घाटन सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था. सरकारें बदलीं लेकिन पॉन्टी का सियासी रसूख बरकरार रहा. सियासी जानकार बताते हैं कि मायावती सरकार में भी पॉन्टी चड्ढा का आबकारी नीति तक में दखल था.  

पॉन्टी की मौत के बाद उनका बेटा मनप्रीत सिंह चड्ढा कारोबार संभाल रहा है. एक अनुमान के मुताबिक पॉन्टी की मौत के वक्त चड्ढा ग्रुप का कारोबार ढाई हजार करोड़ के पार पहुंच गया था.

First published: 6 May 2017, 13:40 IST
 
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