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यूपी में मीट कारोबारियों का हल्ला बोल,लखनऊ में 5 हज़ार दुकानों के गिरे शटर

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 March 2017, 10:52 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

यूपी में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के बाद मीट कारोबारी आज से हड़ताल पर हैं. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में मांस विक्रेताओं ने अपनी दुकानों पर ताले जड़ दिए हैं. दरअसल यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद इलाहाबाद से लेकर गाजियाबाद तक कई बूचड़खानों को प्रशासन ने सील किया है.     

बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में मांस विक्रेताओं की हड़ताल को मटन-चिकन विक्रेताओं के साथ ही मछली कारोबारी भी समर्थन दे रहे हैं. बूचड़खानों पर कार्रवाई के बाद भैंस के मीट की किल्लत हो गई है. यहां तक कि लखनऊ के चिड़ियाघर और इटावा के लायन सफारी में भी शेर को मटन और चिकन खिलाना पड़ा. 

 

1905 से लखनऊ में चल रही टुंडे कबाबी की मशहूर दुकान भी पिछले हफ्ते बुधवार को एक दिन के लिए बंद रही थी. यहां चौक इलाके के अकबरी गेट वाली दुकान में बड़े का कबाब और पराठा मिलता है. मांसाहार का होटल चलाने वाले कुछ कारोबारियों ने अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई का स्वागत भी किया है. उनकी दलील है कि मांस की किल्लत होने पर दिल्ली से मटन मंगवाया जाएगा.

लखनऊ बकरा गोश्त व्यापार मण्डल के पदाधिकारी मुबीन कुरैशी का कहना है, "हमने अपनी हड़ताल को और तेज करने का फैसला किया है. मांस की सभी दुकानें बंद रहेंगी. मछली विक्रेताओं ने भी इस हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है." कुरैशी ने कहा कि बूचड़खानों पर कार्रवाई के कारण लाखों लोगों की रोजी-रोटी खतरे में है. 

लखनऊ में मुर्गा व्यापार कल्याण समिति ने हड़ताल का एलान किया है. करीब 5 हजार मीट कारोबारी हड़ताल में शामिल हैं. इस बीच लखनऊ में नगर निगम ने मीट कारोबारियों के लाइसेंस बनाने का काम भी बंद कर दिया है.

'वैध बूचड़खाने चलते रहेंगे' 

इस बीच यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से सफाई दी है. सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, "केवल अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की गई है. नियम से चल रहे वैध बूचड़खानों के लिए कोई दिक्कत नहीं है."

सिद्धार्थनाथ सिंह ने साथ ही कहा, "चिकन (मुर्गे का मीट) और अंडे की दुकानों को बंद करने का सरकार ने कोई आदेश नहीं दिया है. सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की ख़बरों पर यकीन मत कीजिए."

First published: 27 March 2017, 10:42 IST
 
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