Home » उत्तर प्रदेश » Mumbai director, J&K neta, Bengal poet among many booked for criticising Yogi
 

योगी की आलोचना करने पर फिल्म निर्देशक, जम्मू-कश्मीर नेता और बंगाली कवि समेत कई पर मुक़दमा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2017, 9:30 IST


उप्र के मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना पद संभाले सप्ताह भर से थोड़ा अधिक ही हुआ है कि इस बीच कम से कम सात लोगों को उनकी आलोचना करने पर निशाने पर ले लिया गया है. इसकी शुरुआत बॉलीवुड निर्देशक और जानी मानी कोरियोग्राफर फराह खान के पति शिरीष कुन्दर से हुई जो ट्विटर पर अपनी तीक्ष्ण और कटु टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं. शिरीष ने अपने ट्वीट में यूपी के सीएम योगी पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी और उन्हें गुंडा बताया था. इसके तुरन्त बाद ही उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई. कुन्दर ने बाद में बिना शर्त माफी मांग ली है.


ताजा मामले में जिनके खिलाफ मानहानि का आरोप लगाया गया है, वे हैं जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस नेता सलमान निज़ामी. पिछले हफ्ते निजामी ने कई ट्विट किए थे. इस पर सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक अत्रे ने उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है. निजामी ने अपने ट्विटर पर लिखा था कि जो लोग योगी आदित्यनाथ का जश्र मना रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह देश केवल अपनी विविधताओं की वजह से ही महान है. कट्टरपंथियों की गपशप करने के कारण नहीं.

बयान पर कायम

 

उन्होंने 19 मार्च को ट्विट किया था- जाकिर नाइक का पीछा किया जा रहा है, जबकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है. योगी आदित्यनाथ के खिलाफ हत्या, दंगे-फसाद के मामले दर्ज हैं. उन्हें उप्र का सीएम बनाया गया है. निजामी का एक अन्य ट्विट भी विवादित हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि उस व्यक्ति को उप्र का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है जो मृत मुस्लिम
महिलाओं के साथ बलात्कार करने की बात कहता है. यह संदर्भ उस कार्यक्रम का है जिसमें योगी आदित्यनाथ के समर्थक जोर-जोर से यह कहते सुने जा सकते हैं कि मुस्लिम महिलाओं को उनका कब्र से निकाल कर उनके साथ दुष्कर्म करना चाहिए. हालांकि, आदित्यनाथ ने यह टिप्पणी नहीं की है.


निजामी ने अपने ट्विट को वापस लेने या उसका खंडन करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि मैं भयभीत या आतंकित नहीं हूं. मैं अपने शब्दों पर कायम हूं और अपने वकील के माध्यम से नोटिस का जवाब दूंगा. आप किसी को भी
अपनी इच्छानुसार गाना गाने को मजबूर नहीं कर सकते. मेरा पूरी तरह विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ उप्र के मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें उप्र में अपना चेहरा बनाया था. वरना पार्टी हार गई होती.


निजामी ने कैच से बातचीत में कहा कि मैं भयभीत नहीं हूं. उन्हें वो सब करने दीजिए जो वे करना चाहते हैं. संविधान ने मुझे उन लोगों के खिलाफ बोलने का अधिकार दिया है जो घृणा फैलाते हैं और सम्प्रदायवाद का राग अलापते हैं. निजामी ने यह भी दावा किया कि उन्हें ट्विटर पर धमकियां मिल रही हैं. कई लोगों ने ट्विटर पर निजामी का समर्थन किया है. रविवार को पूरे दिन 'स्टैण्डविद सलमान निजामी' हैशटैग के साथ उनके समर्थन में ट्वीट किया जाता रहा. और भी कई मामले हैं जिनमें लोगों को योगी आदित्यनाथ की आलोचना करने पर निशाने पर लिया गया है.

 

आपत्तिजनक कविता


बंगला भाषा के कवि सृजातो बंधोपाध्याय के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है. बंधोपाध्याय ने 19 मार्च को फेसबुक पर एक कविता अपलोड की थी जिसमें स्पष्ट रूप से आदित्यनाथ की आलोचना दिखती है. शिकायकर्ता अनब सरकार का आरोप है कि कविता से हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुंचती है. कविता की विवादित पंक्तियों का सार है, 'जब दफनाई गई महिलाओं को उनकी कब्र से निकालकर उनके साथ बलात्कार किया जाएगा, कंडोम को त्रिशूल पर टांग देना चाहिए.'


खबरों के अनुसार चार अन्य मामले हैं जहां लोगों को आदित्यनाथ की तस्वीरें पोस्ट करने मामले में बुक किया जा रहा है क्योंकि उनके समर्थक इन तस्वीरों को आपत्तिजनक मानते हैं. ये मामले उप्र के गाजीपुर और नोएडा में तथा बेंगलुरू और मुम्बई में दर्ज किए गए हैं. दो मामलों में -गाजीपुर और मुम्बई में तो रक्षक दल के सदस्य उन लोगों के घरों तक पहुंच गए
जिन्होंने तस्वीरें पोस्ट की थीं.

First published: 28 March 2017, 9:30 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी