Home » उत्तर प्रदेश » Muslim family in Baghpat converted to Hinduism after the police allegedly did not conduct fair investigation
 

बागपत : बेटे की मौत की पुलिस करे सही जांच इसलिए मुस्लिम परिवार ने अपना लिया हिन्दू धर्म

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 October 2018, 12:10 IST

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके परिवार के 12 सदस्यों ने मंगलवार को इस उम्मीद में हिन्दू धर्म ग्रहण कर लिया ताकि पुलिस उनके बेटे की मौत की सही जांच करेगी. बदरखा गांव के अख्तर और उनके परिवार ने सोमवार को क्षेत्र उप-मंडल मजिस्ट्रेट को हलफनामा सौंपकर कहा कहा कि यह एक स्वैच्छिक धर्मांतरण कर रहे हैं.

युवा हिंदू वाहिनी के राज्य प्रमुख शौकेन्द्र खोखर ने कहा परिवार ने हवन आयोजित किया और अन्य हिंदू अनुष्ठानों का प्रदर्शन किया और अपना नाम बदल दिया. खोखर ने कहा कि अख्तर परेशान था क्योंकि पुलिस ने उसके बेटे गुलहसन की कथित हत्या को आत्महत्या बताया था. बागपत जिला मजिस्ट्रेट ऋषिरेन्द्र कुमार ने धर्मांतरण की पुष्टि की और कहा कि इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शैलेश कुमार पांडे ने की थी.

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार जनवरी में अख्तर का परिवार बदरखा गांव से नवादा गांव चला गया था. गुलहसन के भाई दिलशाद ने कहा, "हम वहां चले गए क्योंकि हमारे कई रिश्तेदार वहां रहते थे. यह मुस्लिम प्रभुत्व वाला गांव था और दिल्ली भी यहां से करीब है''. दिलशाद ने कहा "हमने एक घर खरीदा और गुलहसन ने कपड़ों की दुकान चलाने के लिए एक दुकान किराए पर ली."

गुलहसन 22 जुलाई को अपने स्टोर की छत से लटका मिला. परिवार ने आरोप लगाया कि वह व्यापार प्रतिद्वंद्वियों द्वारा मारा गया था और उन्हें उसके शरीर पर चोट के निशान मिले थे. गुलहसन के एक और भाई नौशाद ने बताया, "हमने पुलिस को बताया कि गुलहसन की मौत एक योजनाबद्ध हत्या थी लेकिन पुलिस ने कहा कि उसने आत्महत्या की है." दिलशाद ने कहा कि नवादा में ग्रामीणों और उनके रिश्तेदारों ने उनकी मदद नहीं की.

गुलहसन की मौत में एफआईआर की मांग करने के बाद परिवार ने अदालत में 28 अगस्त को नवादा गांव के चार निवासियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया. कोटावली स्टेशन हाउस ऑफिसर दिनेश कुमार ने कहा कि किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि ऑटोप्सी में कहा गया कि यह आत्महत्या थी.

हालांकि इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई रिपोर्ट को लखनऊ में मेडिको कानूनी विशेषज्ञों को भेज दिया गया है. हालांकि नवादा गांव नेताओं ने दावा किया कि गुलहसन का परिवार झूठे आरोप लगा रहा था और उसने विवाद के कारण आत्महत्या की थी.

First published: 3 October 2018, 12:06 IST
 
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