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3,800 करोड़ खर्च करने के बाद भी सरकार को नहीं पता, गंगा कितनी साफ हुई!

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2018, 17:26 IST
(File Photo)

मोदी सरकार के पांच साल पूरे होने में अब एक साल से भी कम का समय बचा है. मोदी सरकार ने गंगा सफाई को लेकर कई बड़े वादे किए थे. लेकिन की हालत वैसी ही बनी हुई है. गंगा के पानी का स्तर हर रोज कम होता जा रहा है.  गंगा सफाई को लेकर सरकार के वादे झूठे साबित होते दिखाई दे रहे हैं. सरकार को यही नहीं पता है कि गंगा की कितनी सफाई हुई है. तो गंगा उसका विकास कैसे करेगी.

RTI में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार गंगा सफाई के बारे में जानकारी नहीं दे पाई. RTI कार्यकर्ता ने सरकार  से गंगा सफाई को लेकर जानकारी मांगी थी.  


पर्यावरणविद् विक्रम तोगड़ ने आरटीआई के तहत सरकार से गंगा सफाई से संबेधित जानकारी मांगी थी. लेकिन सरकार इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं करा पाई है. इसके अलावा आरटीआई से खुलासा हुआ है कि सरकार अब तक गंगा सफाई पर 3,800 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है.

मीडिया खबरों के अनुसार, आरटीआई याचिकाकर्ता एवं पर्यावरणविद् विक्रम तोगड़ ने कहा कि सरकार ने नमामि गंगा के तहत गौमुख से गंगा सागर तक का जो हिस्सा कवर किया है, उस जगह पर गंगा की हालत खराब है. काई, गाद और कूड़े का ढेर देखने को मिलेगा. गंगा को लेकर सफाई दिखाई नहीं दे रही है.

हां ये जरूर है कि गंगा को लेकर 'पॉलिटिकल विल' में इजाफा तो हुआ है. लेकिन इसका विकेंद्रीकरण होना बहुत जरूरी है. उनका कहना है कि गंगा में सफाई के नाम पर पैसा अधिक खर्च हुआ है, लेकिन इसका फायदा नहीं दिख रहा है. गंगा में पानी का स्तर कम होता जा रहा है. गंगा की सहायक नदियों का अतिक्रमण हुआ है. जिससे गंगा की हालत और खराब होती जा रही है. गंगा की सफाई के लिए जरूरी है कि कचरे के निपटान की व्यवस्था की जाए.

वहीं, गंगा की सफाई को लेकर अभियान चला रहीं कार्यकर्ता जयंती ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास गंगा के गिरते जल स्तर पर क्या जवाब है? गंगा में जमी गाद को हटाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जमी गाद को हटाए बिना गंगा का विकास असंभव है. सरकार ने सफाई के नाम पर कुछ घाट चमका दिए हैं. लेकिन इससे गंगा का विकास नहीं हो सकता है. 

जयंती ने कहा कि सरकार गंगा की सफाई को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है. सरकार ने अभी गंगा सफाई को लेकर जो काम किए हैं, उसका असर तीन से चार साल में दिखेगा. तब तक और गंदगी एवं कूड़ा इकट्ठा हो जाएगा. सरकार को नेचुरल ट्रीटमेंट प्रोसेस को शुरू करने की जरूरत है.

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First published: 1 July 2018, 17:23 IST
 
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