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मुलायम की ‘पुत्र-मोह’ पर जीत, नई पार्टी का उदय?

अतुल चंद्रा | Updated on: 7 April 2017, 8:58 IST

 

1 अप्रैल को समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश के लिए सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई. इसके बाद से ही चर्चा गर्म है कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव एक नई राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं. मुलायम ने कहा कि उनकी पहली संतान ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया. उसकी वजह से ही वे विधानसभा चुनावों में हारे.


मैनपुरी में अपने समर्थकों से बात करते हुए मुलायम ने कहा कि अखिलेश के कारण ही मोदी को सार्वजनिक रूप से खिल्ली उड़ाने का मौका मिला. मोदी ने कहा था, ‘जो बेटा बाप का नहीं हुआ, वो आपका क्या होगा.’ अखिलेश ने उनको कितना दर्द और अपमान दिया है, यह उनके शब्दों से जाहिर था, ‘हमने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाया. हम पार्टी के हित में अपमान का घूंट पीते रहे. हमारा बहुत अपमान हुआ. ’


फिर मुलायम ने अपने समर्थकों से कहा, ‘जो मेरे साथ हुआ, वो आपके सामने है. जितना मेरा अपमान हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ. हमसे किसने क्या क्या नहीं बोला...हम दूसरी पार्टी बनाएंगे. हम ये करेंगे, हम वो करेंगे. हमने कहा, हम कुछ नहीं करेंगे. हम देखेंगे, हमारे लोग क्या चाहते हैं.’

 

भाई बनाम बेटा

 

मुलायम ने अखिलेश पर ‘शिवपाल को मंत्री पद से बर्खास्त करने’ के लिए भला-बुरा कहा. उन्होंने कहा, शिवपाल मेहनती थे. उन्होंने पहले चेतावनी भी दी थी कि शिवपाल से दुश्मनी मोल लेना पार्टी के लिए घातक होगा. उन्होंने कहा कि शिवपाल को हाशिए पर डालने और कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन से ही समाजवादी पार्टी हारी है.


नई पार्टी बनाने के संबंध में मुलायम ने अभी ज्यादा कुछ नहीं बताया. शिवपाल ने रविवार को जरूर कहा कि ‘नेताजी अपने अगले कदम के लिए समर्थकों से विमर्श कर रहे हैं.’ उन्होंने दावा किया कि अखिलेश के व्यवहार से काफी संख्या में समाजवादी नाराज हैं.


उन्होंने यह भी कहा, ‘नेताजी के काफी समर्थक हैं. हमें आगे क्या करना है, इस संदर्भ में वे बड़ा फैसला लेंगे.’ पहले 1 फरवरी को शिवपाल ने कहा था कि चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद वे नई पार्टी बनाएंगे. शिवपाल जसवंतनगर से समाजवादी पार्टी से खड़े हुए थे. नामांकन पत्र भरने के बाद उन्होंने कहा था, ‘नतीजों की घोषणा के बाद...तुम (अखिलेश) सरकार बनाना, हम 11 मार्च के बाद पार्टी बनाएंगे. शिवपाल कैंप के सूत्रों ने बताया कि पार्टी बनाने पर विचार हो रहा है क्योंकि अखिलेश ‘मगरूर और बेदर्द’ हैं और पार्टी की हार से ‘कोई भी सबक लेना नहीं चाहते.’


मुलायम की दूसरी पत्नी अपने बेटे को राजनीति में लाना चाहती हैं इसलिए नई पार्टी में प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव को शामिल किया जा सकता है. अपर्णा भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ लखनऊ छावनी से खड़ी हुई थीं, पर विफल रहीं. शिवपाल की तरह वे भी अपनी हार के लिए सपा नेता को जिम्मेदार बता रही हैं. उन्होंने मीडिया से कहा, ‘मुझे ईवीएम की वजह से नहीं, बल्कि अपने ही लोगों से हार मिली है.’


आदित्यनाथ योगी के शपथ समारोह में मुलायम नरेंद्र मोदी के कान में फुसफुसा रहे थे और फिर अखिलेश का हाथ थामे उनसे बात कर रहे थे. इससे संदेह हुआ कि क्या मुलायम का पुत्र-मोह उन्हें कभी नई पार्टी बनाने देगा? पर मुलायम के अखिलेश पर हाल के हमले ने सारे शक दूर कर दिए हैं. जाहिर है, उनका अगला कदम क्या होगा. उन्होंने अपने बेटे से मुकाबले के लिए नई पार्टी बनाने की तैयारी कर ली है.

First published: 7 April 2017, 8:58 IST
 
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