Home » उत्तर प्रदेश » No ash content in Maggi says Nestle India denies allegation after facing penalty in Shahjahanpur in Uttar Pradesh
 

जांच में सैंपल फेल होने के बाद बोली नेस्ले इंडिया, मैगी पूरी तरह सुरक्षित

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 November 2017, 12:02 IST
( प्रतीकात्मक तस्वीर)

एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया ने मैगी के सैंपल के जांच में फेल होने पर सफाई दी है. दरअसल यूपी के शाहजहांपुर में जिला प्रशासन ने मैगी के सैंपल फेल होने पर 45 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया था. नेस्ले इंडिया ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि मैगी को बनाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर राख का प्रयोग नहीं किया जाता और यह 100 फीसदी सुरक्षित है.

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए एक बयान में कहा, "हम अपने उपभोक्ताओं को दोबारा आश्वस्त करना चाहते हैं कि मैगी नूडल्स 100 फीसदी सुरक्षित हैं. हम दृढ़ता से दोहराते हैं कि इसे बनाने की प्रक्रिया में कहीं भी राख का इस्तेमाल नहीं किया जाता." 

गौरतलब है कि बुधवार को शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने मैगी के जांच में फेल होने पर कंपनी पर 45 लाख रुपये जबकि तीन वितरकों पर 17 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया था. 

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक, "हमें अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है. इस संबंध में उपलब्ध सूचना से हमें यह पता चला कि संबद्ध नमूने साल 2015 के है और यह मामला नमूनों में राख पाए जाने से जुड़ा है. उनका नूडल्स ब्रांड नूडल्स, पास्ता और मसालों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा तय मानकों के अनुरूप है."

गौरतलब है कि जून 2015 में नेस्ले इंडिया ने एफएसएसएआई द्वारा मैगी पर प्रतिबंध लगाने के बाद मैगी को बाजार से वापस ले लिया था.  हालांकि कई कानूनी लड़ाइयों के बाद नवंबर 2015 में मैगी नूडल्स को बाजार में फिर से उतारा गया था.

First published: 30 November 2017, 12:02 IST
 
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