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जेवर कांड: बावरिया गिरोह के चार बदमाश गिरफ़्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 July 2017, 11:13 IST

उत्तर प्रदेश की गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने करीब दो माह बाद जेवर सामूहिक दुष्कर्म, लूट व हत्याकांड का खुलासा करते हुए रविवार तड़के मुठभेड़ में चार वांछित बदमाशों को गिरफ्तार किया.

इनमें से एक गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. ये सभी बावरिया गैंग के हैं. दो बदमाश फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी पहचान हो गई है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.

गौरतलब है कि 24 मई की रात जब एक परिवार के आठ लोग बुलंदशहर जा रहे थे, तो बुलंदशहर रोड पर सोबता गांव के पास हथियारबंद बदमाशों ने कार पंचर कर उसमें सवार चार महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट की थी.

विरोध करने पर बदमाशों ने एक शख्स की गोली मारकर हत्या भी कर दी थी. मामले में जेवर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी.

इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार को कानून-व्यवस्था के मसले पर घेरा तो सरकार सक्रिय हुई और पुलिस महकमे को निर्देश दिया. बावजूद इसके दो माह तक पुलिस बदमाशों को पकड़ नहीं सकी थी.

मुखबिर की सूचना पर रविवार तड़के जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो गई, जिसमें पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार बदमाशों में से एक को गोली लगी है.

एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि रविवार तड़के बावरिया गिरोह जेवर क्षेत्र के सोबता अंडर पास के पास आने वाला है. पुलिस ने वहां पर फोर्स लगाकर घेराबंदी की और यमुना एक्सप्रेस-वे के पास बदमाशों को घेर लिया.

पुलिस को देख बदमाशों ने फायरिंग कर दी. पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की और चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से एक बदमाश अशोक उर्फ राजू सिंह को गोली लगी है, उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है. मौके से दो बदमाश फरार हो गए.

एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान अशोक उर्फ राजू सिंह निवासी दिल्ली (घायल), राकेश उर्फ चुनचुन पुत्र गजराज, दीपक पुत्र प्रकाश निवासीगण हरियाणा और जय सिंह पुत्र रामजीलाल निवासी राजस्थान के रूप में हुई है.

उन्होंने बताया कि पकड़े गए अपराधी बावरिया गैंग के हैं. 24 मई की रात सोबता रोड पर शफीक के परिवार के साथ हुई डकैती और हत्या की वारदात को इन्हीं लोगों ने अंजाम दिया था.

एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर इस घटना से संबंधित सोने-चांदी के जेवर, दो मोबाइल फोन, असलाह संबल और 11000 रुपये बरामद कर लिए गए हैं. फरार बदमाशों की पहचान राजस्थान निवासी मोनू और संजय के रूप में हुई है, जिनकी तलाश में पुलिस जुट गई है.

इस मामले में नोएडा पुलिस ने महिलाओं की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि उनके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है. पीड़ित महिलाओं ने ये कहते हुए खुदकुशी करने की कोशिश की थी कि पुलिस अपराधियों को बचाना चाहती है.

First published: 24 July 2017, 11:13 IST
 
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