Home » उत्तर प्रदेश » Raja is not following 'Raj Dharma' in UP, is doing 'Bal Hatth' - Dr. Kafeel Khan
 

यूपी में राजा 'राज धर्म' का पालन नहीं, 'बाल हठ' कर रहा है- डॉ. कफील खान

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 September 2020, 14:57 IST
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सात महीने जेल में बिताने के बाद मंगलवार देर शाम जेल से रिहा होते समय को डॉ. कफील खान (kafeel khan) ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार 'राज धर्म' का पालन करने के बजाय 'बाल हठ' कर रही थी. कफील खान ने यह भी कहा कि राज्य सरकार उन्हें अब किसी अन्य मामले में अब जेल में बंद कर सकती है. खान ने कहा “रामायण में महर्षि वाल्मीकि ने कहा था कि राजा को 'राज धर्म’ के लिए काम करना चाहिए. यूपी में 'राजा' 'राज धर्म' का पालन नहीं कर रहा है, लेकिन 'बाल हठ' कर रहा है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार को कफील खान पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) को हटाने का आदेश दिया. अदालत ने यूपी सरकार को उन्हें तुरंत रिहा करने को कहा था. अदालत ने कहा कि पिछले दिसंबर में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रों को खान का भाषण "राष्ट्रीय अखंडता और एकता के लिए एक आह्वान" था न कि घृणा या हिंसा को बढ़ावा देने का कोई प्रयास था."


अपने आदेश में अदालत ने एनएसए के तहत खान की नजरबंदी के आदेश को गलत बताया. अदालत ने बताया यह उनके भाषण से लिए गए कुछ सेलेक्टिव वाक्यांशों पर आधारित था. कफील खान को कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के लिए जनवरी से मथुरा जिला जेल में रखा गया था. उन्हें 13 फरवरी को एनएसए के तहत आरोपित किया गया था और उनकी नजरबंदी को दो बार बढ़ाया गया.

रिहाई के बाद कफील खान ने कहा "मैं हमेशा अपने सभी शुभचिंतकों का शुक्रगुजार रहूंगा, जिन्होंने मेरी रिहाई के लिए आवाज उठाई. प्रशासन रिहाई के लिए तैयार नहीं था लेकिन लोगों की प्रार्थना (दुआ) के कारण मैं छूट गया हूं.'' खान ने यह भी दावा किया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज मामले में उन्हें और उनके परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. खान ने कहा कि वह अब बिहार और असम में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की तैयारी कर रहे हैं.

हाईकोर्ट ने कहा- 6 महीने से जेल में बंद कफील खान को तुरंत रिहा किया जाये, NSA हटाने का भी आदेश

First published: 2 September 2020, 14:57 IST
 
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