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भीम सेना का मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' गिरफ़्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 June 2017, 15:41 IST

भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ 'रावण' को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यूपी पुलिस ने 'रावण' को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी इलाके से गिरफ्तार किया है. सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद से ही चंद्रशेखर फरार चल रहा था. 

पांच मई को शब्बीरपुर गांव में दलितों के घर जलाए जाने के चार दिन बाद सहारनपुर में दलित समुदाय ने प्रदर्शन किया था. इसके बाद चंद्रशेखर पर कथित रूप से हिंसा भड़काने को लेकर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की.

इसके बाद चंद्रशेखर के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था. चंद्रशेखर के सिर पर यूपी पुलिस ने 12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था.  

 

कौन है चंद्रशेखर आजाद ?

चंद्रशेखर को सुर्खियां तब भी मिलीं, जब उन्होंने अपने गांव घडकौली के सामने 'द ग्रेट चमार' का बोर्ड लगाया. वो बताते हैं, "इलाके में वाहनों तक पर जाति के नाम लिखे होते हैं और उन्हें दूर से पहचाना जा सकता है. जैसे द ग्रेट राजपूत, राजपूताना. इसलिए हमने भी 'द ग्रेट चमार' का बोर्ड लगाया. इसे लेकर विवाद भी हुआ लेकिन आज भी इसकी मौजूदगी है." 

नाम में रावण क्यों?

देहरादून से लॉ की पढ़ाई करने वाले चंद्रशेखर खुद को 'रावण' कहलाना पसंद करते हैं. इसके पीछे वो तर्क देते हैं, "रावण अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान के कारण सीता को उठा लाता है, लेकिन उनको भी सम्मान के साथ रखता है."

चंद्रशेखर कहते हैं, "रावण अपनी बहन के सम्मान के लिए लड़ा और अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, तो वो ग़लत कैसे हो सकता है."

चंद्रशेखर के मुताबिक भीम आर्मी की स्थापना दलित समुदाय में शिक्षा के प्रसार को लेकर अक्टूबर 2015 में हुई थी, इसके बाद सितंबर 2016 में सहारनपुर के छुटमलपुर में स्थित एएचपी इंटर कॉलेज में दलित छात्रों की कथित पिटाई के विरोध में हुए प्रदर्शन से ये संगठन चर्चा में आया.

First published: 8 June 2017, 15:41 IST
 
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