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सुप्रीम कोर्ट ने UP के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को किया बेघर, सुनाया ये फरमान

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 May 2018, 13:26 IST

सर्वोच्च न्यायालय ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को एलॉट किए गए सरकारी बंगले को खाली करने का हुक्म दिया है. लोकप्रहरी नाम के एनजीओ की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करना होगा.

बता दें कि साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने एक एनजीओ की याचिका पर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला छोड़ने का निर्देश दिया था लेकिन अखिलेश सरकार ने तब पुराने कानून में संशोधन कर यूपी मिनिस्टर सैलरी अलॉटमेंट ऐंड फैसिलिटी अमेंडमेंट एक्ट 2016 विधानसभा से पास करा लिया था और सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला की सुविधा दिलाई थी. 

अब सुप्रीम कोर्ट ने अखिलेश सरकार के तब के फैसले को करीब 2 साल बाद खारिज कर दिया है और सभी पूर्व सीएम को झटका देते हुए उनसे बंगला छोड़ने को कहा है. शीर्ष अदालत ने कहा कि यूपी सरकार ने कानून में संशोधन कर जो नई व्यवस्था दी थी, वह असंवैधानिक है. यूपी में अभी मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और एनडी तिवारी के पास लखनऊ में सरकारी बंगला है.

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि कोई शख्स एक बार मुख्यमंत्री का पद छोड़ देता है तो वह आम आदमी के बराबर हो जाता है. कोर्ट ने यूपी मिनिस्टर सैलरी अलाउंट ऐंड मिसलेनियस प्रोविजन एक्ट के उन प्रावधानों को रद्द कर दिया है.

First published: 7 May 2018, 13:20 IST
 
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