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उन्नाव गैंगरेप केस: कौन है BJP MLA कुलदीप सिंह सेंगर, जिसे अरेस्ट करने में इतने दिन लग गए

आदित्य साहू | Updated on: 13 April 2018, 11:02 IST

उन्नाव गैंगरेप के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को सीबीआई टीम ने आज (शुक्रवार 13 अप्रैल) सुबह लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद भी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मीडिया के सामने अपनी हेकड़ी दिखाने से बाज नहीं आया. मीडिया के सामने उसने कहा कि वो खुद सीबीआई के अधिकारियों से मिलने आया है.

सेंगर पर कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. सेंगर के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 ,506 और पॉस्को एक्ट में केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा सीबीआई की तरफ से इस मामले में अभी तक तीन केस दर्ज किए गए हैं. कुलदीप सेंगर पर नाबालिग से रेप, पीड़िता के पिता की हत्या का केस और तीसरा केस विधायक सेंगर के परिवार की तरफ से जो भी शिकायत दी गई है वह है.

सवाल उठता है कि आखिर क्या बात है कि जिस आरोपी विधायक पर इतनी धाराओं में केस दर्ज किए गए उसे गिरफ्तार करने में इतना समय लग गया. यहां तक कि योगी सरकार ने भी हाईकोर्ट में कह दिया था कि विधायक के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है इसलिए उसे गिरफ्तार नहीं कर सकते. 

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कुलदीप सिंह सेंगर चार बार से विधायक हैं. उन्होंनेे कई बार पार्टी और विधानसभा क्षेत्र बदला है. इसलिए उनकी पहचान दलबदलू नेता की है. सेंगर ब्राह्मण बहुल ज़िला उन्नाव के प्रभावी ठाकुर नेता हैं. उन्हें कुंडा के बाहुबली विधायक और राजा भैया का करीबी माना जाता है. 51 साल के सेंगर ने 2002 में राजनीति में क़दम रखा. तब सेंगर बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर उन्नाव सदर से विधायक चुने गए थे.

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2007 विधानसभा चुनाव से पहले सेंगर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. 2007 में सेंगर ने बांगरमऊ से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद 2012 में वो समाजवादी पार्टी के टिकट पर भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से चुवाव लड़े और यहां भी जीते. इसके बाद वह साल 2017 में भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें बांगरमऊ से उम्मीदवार बनाया. जिसमें उन्हें जीत मिली.

कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणा पत्र में अपनी संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में उनकी संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई थी. वहीं 2017 के चुनावी घोषणा पत्र के मुताबिक, उनकी संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई. 

उन्नाव जिले से केवल 15 किमी दूर माखी गांव में भाजपा विधायक का खौफ इतना है कि अब भी पीड़िता और उसके घर वाले गांव लौटने को राजी नहीं हैं. परिवार वाले अपने जीवन के लिए डरते हैं. विधायक की पत्नी संगीता सिंह सेंगर उन्नाव की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके भाई अतुल सिंह की पत्नी अर्चना सिंह गांव की प्रधान हैं.

First published: 13 April 2018, 11:02 IST
 
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