Home » उत्तर प्रदेश » UP 69 Thousands Teacher Recruitment Case: Allahabad High Court gives verdict in favour of Yogi govt
 

69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से योगी सरकार को दी राहत, कट ऑफ पर लगाई मुहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2020, 14:11 IST

UP 69 Thousands Teacher Recruitment Case: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 69,000 शिक्षक भर्ती (69,000 Teacher Recruitment) मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच (Lucknow Bench) ने आज अपना फैसला सुना दिया. जिसमें योगी सरकार (Yogi Government) को बड़ी राहत मिली है. लखनऊ बेंच ने योगी सरकार को राहत देते हुए कट ऑफ मार्क्स के जरिए ही शिक्षकों की नियुक्ति को सही माना है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा.

जस्टिस पंकज कुमार जायसवाल और जस्टिस करुणेश सिंह पवार ने बुधवार को यह फैसला सुनाया. बता दें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पिछले एक साल से लंबित पड़े इस केस का फैसला बुधवार को सुनाया. इससे पहले कोर्ट ने सुनवाई के दौरान तीन मार्च 2020 को फैसला सुरक्षित कर लिया था. अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 150 में से 97 अंक हासिल करने होंगे, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 90 अंक लाना जरूरी होगा.


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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में शिक्षा की योग्यता और गुणवत्ता को अहम बताया. साथ ही योगी सरकार को योग्यता के आधार पर रिजल्ट जारी कर भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने का आदेश दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का फैसला आने के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर लेगी और स्कूलों में शिक्षक पठन-पाठन का काम शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए फैसले को हाईकोर्ट ने सही माना है. यह सरकार की जीत है. अब जल्द से जल्द रिजल्ट जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की कर ली जाएगी. द्विवेदी ने उन अभ्यर्थियों को भी भरोसा दिलाया है जिनका चयन नहीं हो सकेगा. उन्होंने कहा कि आगे भी नई भर्ती होगी उसमें मौका मिलेगा.

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गौरतलब है कि योगी सरकार के सत्ता में आने का बाद दिसम्बर 2018 में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए एक शासनादेश जारी किया था. जिसके लिए उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. इस शासनादेश में कट ऑफ का जिक्र तो था लेकिन कितना होगा इसका जिक्र नहीं था. इस भरती के लिए लिखित परीक्षा 6 जनवरी 2019 को आयोजित की गई. परीक्षा का आयोजन राज्य के 800 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था.

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शिक्षकों की भर्ती के संबंध में जारी शासनादेश के एक दिन बाद यानी 7 दिसंबर 2018 को न्यूनतम कटऑफ की घोषणा की गई. इसके तहत सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 150 में 97 और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 150 में 90 अंक लाने की जानकारी दी गई थी. यानी सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 65 फीसद और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 60 फीसद अंक लाकर परीक्षा पास करनी थी. इसी कटऑफ को लेकर परीक्षार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की थी.

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First published: 6 May 2020, 14:11 IST
 
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