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यूपी में अब बिना मास्क घर से बाहर निकलने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 September 2020, 7:56 IST

Wearing masks is mandatory says Allahabad High Court: अगर आप उत्तर प्रदेश (UP ) में रहते हैं और मास्क (Mask) लगाना पसंद नहीं करते तो आपके लिए ये जरूरी खबर है. क्योंकि अब बिना मास्क के घर से बाहर जाने पर आपके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने निर्देश दिया है कि राज्य में कोई भी नागरिक (Citizen) घर से बाहर बिना मास्क के दिखाई नहीं देना चाहिए. कोरोना वायरस (Corona Virus) के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हाईकोर्ट (High Court) ने ये निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि घर से निकलने वाले हर व्यक्ति को ये सुनिश्चित करना होगा कि उसने अपना मुंह और नाक ढंका है या नहीं.

इसके साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले पर मौजूदा कानून के तहत ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए हर जिले के प्रत्येक थाने में एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया है, जिसमें वर्तमान से ज्यादा संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. जिससे आदेश का ठीक से पालन कराया जा सके. अदालत ने प्रशासन और पुलिस को इस बात के लिए भी आगाह किया है कि वह मास्क पहनना सुनिश्चित करने की नाकामी जनता पर नहीं थोप सकेंगे.


कोर्ट के इस निर्देश से ये निश्चित हो जाता है कि अब मास्क न पहनने पर आपको कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है. क्योंकि कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, पुलिस अपने सिर पर मास्क न पहनने वालों का बोझ नहीं लेगी और जनता पर सख्ती बरतेगी.

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कोरोना संक्रमण की रोक थाम के प्रयासों की मॉनिटरिंग कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि मास्क न सिर्फ उनको संक्रमण से बचाएगा, बल्कि पूरे समाज को सुरक्षित करेगा. कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मास्क नहीं पहनता है तो वह पूरे समाज के प्रति अपराध करेगा और समाज के प्रति अपराध करने वाले को दंडित किया ही जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात को मान रहे हैं कि कोरोना से बचने के एक ही रास्ता है, शारीरिक दूरी और मास्क पहनना. यदि सभी लोग मास्क पहनने लगे तो इससे संक्रमण खुद ब खुद रुक जाएगा.

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इसके अलावा कोर्ट ने प्रयागराज नगर निगम को भी निर्देश दिया कि वह कोरोना से संबंधित प्रगति की सूचना हर दिन हाईकोर्ट लीगल सेल को ई-मेल के माध्यम से दें. इसी प्रकार से वार्डों में नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर जोनल अफसरों को स्थिति से अवगत कराते रहें. कोर्ट ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के एक्स-रे और सीटी स्कैन के लिए हर जिले में एक अलग अस्पताल की व्यवस्था का निर्देश दिया है, क्योंकि कोरोना संक्रमित मरीजों का सीटी स्कैन और एक्सरे कोई अस्पताल नहीं कर रहा है.

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First published: 25 September 2020, 7:56 IST
 
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