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पीएम नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी: नोटबंदी को लेकर खिंची तलवारें

अतुल चंद्रा | Updated on: 20 December 2016, 8:18 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 का बिगुल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जौनपुर से फूंक दिया है. 
  • नरेंद्र मोदी जहां नोटबंदी के फ़ैसले का बचाव और उसकी तारीफ़ें करते आए, वहीं राहुल गांधी ने पीएम पर सीधे निशाना साधा है.

उत्तरप्रदेश में 2017 के चुनावी जंग की शुरुआत हो चुकी है. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दोनों सूबे में मौजूद थे. दोनों ने काला धन और नोटबंदी को चुनावी मुद्दा बनाया. राहुल गांधी नोटबंदी से काले धन पर अंकुश लगाने की विफलता पर बोल रहे थे, तो प्रधानमंत्री ने राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने चुनाव आयोग के नए प्रस्ताव की सराहना की कि राजनीतिक पार्टियों के खातों की फंडिंग और ऑडिटिंग की जाए.

बहराइच में रैली में हंगामा खड़ा होने के बाद मोदी ने कैश की कमी से तकलीफ में आए गरीबों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने देश के हित में तकलीफ उठाई है क्योंकि वे भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त देखना चाहते हैं. कानपुर में प्रधानमंत्री के भाषण के कुछ घंटों बाद, राहुल गांधी ने जौनपुर का मोर्चा संभाला. 

राहुल ने कहा, मोदी ने देश के गरीबों को निशाना बनाया है. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मित्र देशों की सेनाओं ने 200 एयरक्राफ्ट से एक शहर पर फायर-बम डाले थे और पूरा शहर नष्ट हो गया था. कुछ इसी तरह नोटबंदी गरीबों का सफाया कर देगी.

राहुल बनाम मोदी

वहीं मोदी ने कहा, नोटबंदी से अहम परिवर्तन आया है. ‘पहले कोई भी 100 रुपए के नोट या गरीब की परवाह नहीं करता था. परिवर्तन यह आया है कि छोटे नोट भी पूछे जाते हैं और छोटे लोग भी.’ 

राहुल गांधी ने कहा कि काले धन का 96 फीसदी विदेशी बैंकों में छिपा है. उससे रियल एस्टेट और सोने की खरीद कर ली गई है. तो अब पीएम शेष 6 प्रतिशत के पीछे क्यों भाग रहे हैं? प्रधानमंत्री कहते हैं कि नोटबंदी के फैसले ने कालाबाजारी करने वालों को खत्म कर दिया है...अच्छे-अच्छों की छुट्टी कर दी है. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फैसला भारत को काले धन और भ्रष्टाचार से मुक्त देश बनाने के लिए लिया है. यह किसी भी राजनीतिक पार्टी या प्रधानमंत्री की जीत नहीं है, बल्कि लोगों की जीत है.

मीडिया ने राहुल को फ़ीका बनाया

प्रधानमंत्री को मीडिया कवर कर रही थी, इसलिए उनके सामने राहुल का शो फीका पड़ गया. उन्होंने 99 फीसदी आबादी का खून चूसने के लिए मोदी को बुरी तरह फटकारा. मोदी ने कहा कि जो लोग काफी मात्रा में नए करेंसी नोट निकालने में सफल रहे, उन पर तकनीक से नजर रखने में मदद मिली, जिसके लिए उन लोगों की तैयार नहीं थी. 

प्रधानमंत्री ने चुनाव आयोग के प्रस्ताव का समर्थन किया. प्रस्ताव था कि राजनीतिक पार्टियों को 2000 रुपए से ज्यादा गुमनाम चंदा देने वालों पर प्रतिबंध और उनके खातों की सालाना ऑडिटिंग करके राजनीतिक भ्रष्टाचार को खत्म किया जाए. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस सुझाव का स्वागत किया है और चुनाव आयोग को इस दिशा में कदम उठाने को कहा है.

पीएम की शिकायत

उन्होंने अपनी बात जारी रखी, ‘चुनाव आयोग सभी पार्टियों से इस संबंध में विमर्श करे. मेरी पार्टी उनके फैसले का समर्थन करेगी. शीत सत्र की शुरुआत से पहले मैंने सभी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं को एक बैठक में सुझाव दिया था कि वे अपने खातों की फंडिंग और ऑडिटिंग के बारे में संसद में खुल कर चर्चा करें.’

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, ‘अंगुलियां हम पर उठाई जा रही हैं. औरों के लिए मिसाल बनना हमारी जिम्मेदारी है, इसलिए हमें देखना चाहिए कि पैसा कहां से आ रहा है, और किस तरह खाते मेंटेन किए जा रहे हैं. मैंने पूछा, क्या हम मिलकर कोई रास्ता निकाल सकते हैं, जो लोगों की आकांक्षाओं के अनुकूल हो. मैंने उनसे इस विषय पर चर्चा करने का आग्रह किया, पर वे तैयार नहीं थे. ’

यह कहते हुए कि देश ईमानदारी के रास्ते पर चलना चाहता है, मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह लोक सभा और विधानसभा के चुनाव साथ-साथ रखने के प्रस्ताव पर विचार करने को भी सहमत नहीं था.

इनाम की पेशकश

मोदी ने कहा, ‘हाल में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तक ने कहा था कि विधानसभा और संसद के चुनाव अलग-अलग रखने से काला धन जनरेट होता है और यह लोगों पर बोझ है. मैं इस पर भी चर्चा चाहता था, पर विपक्ष इससे भी सहमत नहीं था.’

लेन-देन के लिए तकनीक अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री ने छोटे कारोबारियों और 15000 उपभोक्ताओं के लिए साप्ताहिक इनाम की घोषणा की. 

जो लोग 25 दिसंबर से लेन-देन के लिए ई-वॉलेट, मोबाइल बैंकिंग या डेबिट कार्ड इस्तेमाल करेंगे, उन्हें बाबासाहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रेल 2017 को इनाम दिए जाएंगे. हर हफ्ते अलग-अलग उपभोक्ताओं को 1000 रुपए इनाम के तौर पर दिए जाएंगे. उन्होंने शुरू में समाजवादी पार्टी पर परोक्ष वार किया, यह कहते हुए कि उत्तरप्रदेश के लोग गुंडों और उन लोगों से उकता चुके हैं, जो अपराधियों को संरक्षण देते हैं. 

First published: 20 December 2016, 8:18 IST
 
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