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पानी मिलाकर मरीजों को बेचते थे जानलेवा नकली खून, ऐसे पकड़ा गया खून का कारोबार

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2018, 10:34 IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खून का ऐसा काला कारोबार सामने आया है जिसने महकमे में हड़कंप मचा दिया है. पिछले छह महीने से लखनऊ में पानी मिला खून मरीजों को बेचा जा रहा था. सेलाइन वाटर मिलाकर ये गिरोह 1 यूनिट खून को दोगुना कर डटा था. यानी एक यूनिट खून से 2 यूनिट खून बनाया जाता था. और ये मिलावटी खून मरीजों को बेचा जाता था. ये जानलेवा खून अभी तक 1000 मरीजों को बेचा जा चुका है. इस मामले में एसटीएफ ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

इस खून के कारोबार में शहर के कई बड़े ब्लड बैंक और पथॉलजी के कर्मचारी घोटाले में जुड़े हुए हैं. पैसा कमाने के लिए मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते ये लोग अब पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं. इस मामले में एसटीएफ ने एफएसडीए के साथ ब्लड बैंकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. इस घोटाले को लेकर बीएनके, मेडिसिन ब्लड बैंक और सरकार डायग्नोस्टिक सेंटर के लेजर सीज कर छानबीन की जा रही है.

STF ने दबोचा मास्टरमाइंड
एसएसपी एसटीएफ अभिषेक कुमार सिंह ने बताया, ''करीब दो महीने पहले शहर में हो रहे खून के काले कारोबार की जानकारी मिली थी. इसके बाद खून बेचने वाले कई नशेड़ियों को पकड़कर पूछताछ की. पता चला कि त्रिवेणीनगर के एक मकान में खून का कारोबार चल रहा है. गुरुवार रात टीम ने मास्टरमाइंड मोहम्मद नसीम के घर पर छापा मारा.मौके से सेलाइन वॉटर से तैयार खून, ब्लड बैग, रैपर व अन्य सामान बरामद हुआ.मौके से नसीम के साथ ही बाराबंकी निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह, सआदगंज निवासी राशिद अली, बहराइच निवासी पंकज कुमार त्रिपाठी और निशातगंज निवासी हनी निगम को गिरफ्तार किया.''

गौरतलब है कि खून में किसी भी तरह की मिलावट जानलेवा साबित हो सकती है. इस खून के कारोबार का खुलासा होने के बाद विशेषज्ञों से जब इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि खून में सेलाइन वॉटर मिलाने से आरबीसी बोक्रेन (हिमोलाइज्ड) होता है. इस खून को चढ़ाने के बाद मरीज की तत्काल या कुछ समय बाद दिल का दौरा पड़ने से भी मौत हो सकती है.

First published: 27 October 2018, 10:34 IST
 
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