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गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव क्यों CM योगी का पहला राजनीतिक परीक्षण है

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 March 2018, 17:11 IST

गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव महत्वपूर्ण इसलिए हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले साल इन सीटों से इस्तीफ़ा दे दिया था. इन सीटों पर आने से रविवार को चुनाव होगा. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लिए पहली बार यह चुनाव एक बड़ा राजनीतिक परीक्षण साबित होगा क्योंकि एक साल पहले ही रिकार्ड मार्जिन ने बीजेपी ने देश के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य  चुनाव जीता है.

उप-चुनावों के परिणाम यह भी साबित करेंगे कि क्या आदित्यनाथ को बीजेपी द्वारा सीएम बनाना सही फैसला था.अगर उप चुनाव में भाजपा जीत दर्ज करती है तो इस जीत का मतलब होगा कि यूपी के वोटर अब भी भगवा पार्टी के पीछे मजबूती से खड़े हैं. साथ ही यह भी कि आदित्यनाथ के एक साल के शासन के की लोकप्रियता बनी हुई है.

 

कांग्रेस पहले से ही इस चुनाव को आदित्यनाथ की नीतियों पर एक जनमत संग्रह मान रही है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश में लोग बदलाव चाहते हैं. इन दो उप चुनावों में से गोरखपुर पर राजनीतिक विश्लेषकों की गहरी नजर है क्योंकि गोरखपुर भाजपा का गढ़ रहा है और 1989 से भगवा पार्टी यहां सत्ता में है.

आदित्यनाथ खुद यहां से पांच बार सांसद रह चुके हैं. हालांकि पिछले एक साल में गोरखपुर में प्रशासन पर सवाल उठते रहे हैं. विशेष रूप से पिछले वर्ष अगस्त में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल के इन्सेफलाइटिस वार्ड में 70 से अधिक शिशुओं की मौत हुई थी. कुल मिलाकर साल 2017 में अस्पताल में मरने वालों की संख्या 1,304 थी.

फूलपुर क्यों है कांग्रेस के लिए ख़ास 

अगर गोरखपुर पिछले दो दशकों से भाजपा का गढ़ रहा है तो फूलपुर भी कांग्रेस पार्टी के लिए विशेष महत्व रखता है. ये वह निर्वाचन क्षेत्र है जहां से भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने चुनाव लड़ा था.

नेहरू के अलावा उनकी बहन विजयलक्ष्मी पंडित और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भी फूलपुर से चुनाव लड़े. 2004 में कांग्रेस के हाथ से फूलपुर वाली सीट फिसली थी. जब समाजवादी पार्टी के अतिक अहमद ने फुलपुर से जीत दर्ज की ही. 2014 में यहां से स्वामी प्रसाद मौर्य ने जीत दर्ज की थी. ।

First published: 9 March 2018, 17:11 IST
 
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