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यूपी: पूर्वांचल के कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की जेल में गोली मारकर हत्या, आज होनी थी पेशी

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2018, 8:37 IST

पूर्वांचल के कुख्यात माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उनकी आज पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में कोर्ट में पेशी होनी थी. बागपत कोर्ट में पेशी होने की वजह से उन्हें कल ही झांसी जेल से बागपत लाया गया था. लेकिन जेल के भीतर ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

पूर्वांचल के बड़े माफिया डॉन की जेल में गोली मारकर हत्या के बाद हड़कंप मच गया है. जेल में हत्या से अधिकारियों के हाथ-पांव फूले हुए हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. मुन्ना बजरंगी की पत्नी पहले ही उसकी हत्या की आशंका जता चुकी थीं. इससे पहले झांसी जेल में भी मुन्ना पर हमला हुआ था.

पिछले महीने 29 तारीख को मुन्ना की पत्नी ने उसकी जान को खतरा बताते हुए कहा था, "यूपी एसटीएफ और पुलिस उनका एनकाउंटर करने की फिराक में हैं. झांसी जेल में मुन्ना बजरंगी के ऊपर जानलेवा हमला किया गया. कुछ प्रभावशाली नेता और अधिकारी मुन्ना की हत्या करने का षड्यंत्र रच रहे हैं."

 

कौन है मुन्ना बजरंगी?
आपको बता दें कि मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है. उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम पारसनाथ सिंह था. वह अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे लेकिन मगर प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी ने दूसरी दुनिया का रास्ता पकड़ा और बन गया पूर्वांचल का बड़ा डॉन.

उसने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी. किशोर अवस्था तक आते आते उसे कई ऐसे शौक लग गए जो उसे जुर्म की दुनिया में ले आए. मुन्ना के बारे में कहा जाता था कि वो सुपारी लेकर किसी की भी हत्या करा सकता है. मुन्ना बजरंगी का नेटवर्क मुंबई, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था.

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साल 1982 से शुरू हुआ उसके अपराध का सफर अभी तक जारी था. 1995 में यूपी एसटीएफ मुठभेड़ में मुन्ना को गोली लगी थी लेकिन वह बच निकला था. इसके बाद मुन्ना से मुख्तार अंसारी ने हाथ मिला लिया था. मुन्ना ने 2005 में मुहम्मदाबाद के बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी थी. राय की हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में दहशत का दूसरा नाम बन गया था.

मुन्ना पर कोयला और स्क्रैप व्यापारियों से करोड़ों रुपये की रंगदारी लेने का भी आरोप है. साल 2012 में मड़ियाहू विधानसभा चुनाव से वह चुनाव भी लड़ चुका है. जहां उसे करारी शिकस्त मिली. मुन्ना बजरंगी जौनपुर, सुल्तानपुर, तिहाड़, मिर्जापुर, झांसी और पीलीभीत जेल में बंद रह चुका है. 26 जून 2017 को उसे झांसी जेल शिफ्ट किया गया था.

First published: 9 July 2018, 8:29 IST
 
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