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शराब की बोतलों पर होगा 'बार'कोड, योगी सरकार की नई पॉलिसी में इनको मिलेंगे लाइसेंस

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 January 2020, 13:11 IST

उत्तर प्रदेश में देशी शराब के लाइसेंस शुल्क को 10 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि बीयर पर अब यह 15 प्रतिशत और विदेशी शराब के लिए 20 प्रतिशत होगा. यह निर्णय मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 2020-21 की आबकारी नीति के तहत लिया गया है. एक रिपोर्ट के अनुसार आबकारी विभाग के प्रधान सचिव संजय गोदस्रेदी ने कहा "सरकार ने एक सरल और पारदर्शी आबकारी नीति बनाई है''.

उन्होंने कहा इसमें लाइसेंस का नवीनीकरण ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. नई नीति के तहत, एक व्यक्ति को राज्य में केवल दो दुकानें देने की अनुमति होगी. मीडिया को दी गई जानकारी में कहा गया है कि "बीयर की दुकानें अब वाइन बेच सकेंगी.

राज्य की सीमा के भीतर लग्जरी गाड़ियों और क्रूज़ में शराब परोसने के लिए लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा, जो पहले मुफ़्त था. हवाई अड्डे के बाहर स्थित हवाई अड्डे के लाउंज और होटलों को लाइसेंस दिए जाएंगे''. कहा गया है कि सभी शराब की बोतलों पर बार कोड लगाए जाएंगे ताकि उपभोक्ता जांच कर सकें कि शराब असली है या नहीं.

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छोटे शहरों में स्थित होटलों में शराब परोसने का लाइसेंस शुल्क प्रति वर्ष 2.5 लाख होगा. अब तक यह सुविधा छोटे शहरों में उपलब्ध नहीं थी. 50 कमरों वाले होटल में शराब परोसने का वार्षिक लाइसेंस शुल्क श्रेणी -1 शहरों (गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, कानपुर नगर, आगरा, प्रयागराज, लखनऊ और नगर निगम क्षेत्र के होटल / रेस्तरां और क्लब) के लिए for 10 लाख निर्धारित किया गया है.

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First published: 22 January 2020, 13:09 IST
 
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