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उत्तर प्रदेश: सरकार ने सभी डीएम से मांगा विवरण- कितने ब्राह्मणों के पास है बंदूक लाइसेंस

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2020, 8:13 IST

उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की हत्या, उनकी असुरक्षा और बंदूक के स्वामित्व के आंकड़ों पर एक भाजपा विधायक के विधानसभा में पूछे एक प्रश्न के जवाब में उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एक पत्र भेजकर हथियार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन करने वाले ब्राह्मणों की संख्या के बारे का विवरण मांगा था. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार राज्य के गृह विभाग के अंडर सेक्रेटरी प्रकाश चंद्र अग्रवाल द्वारा हस्ताक्षरित यह पत्र 18 अगस्त को भेजा गया था, जिसमें 21 अगस्त तक जिलों से यह विवरण देने को गया था.

पत्र में कहा गया है कि देवमणि द्विवेदी (सुल्तानपुर के लम्भुआ से बीजेपी विधायक) ने 16 अगस्त को यूपी विधानसभा के प्रधान सचिव (प्रदीप दुबे) को विधानसभा के नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार एक प्रश्न भेजा था. पत्र में गृह मंत्री से यह जानकारी मांगी गई है. द्विवेदी ने सरकार से पूछा था कि पिछले तीन सालों में राज्य में कितने ब्राह्मण मारे गए. कितने हत्यारे गिरफ्तार किए गए, कितने दोषी ठहराए गए और ब्राह्मणों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार की योजनाएं क्या हैं.


उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार प्राथमिकता के आधार पर ब्राह्मणों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान करेगी. कितने ब्राह्मणों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया और उनमें से कितने को लाइसेंस जारी किया गया. रिपोर्ट के अनुसार संपर्क करने पर विधानसभा के प्रधान सचिव प्रदीप दुबे ने कहा "हमने सरकार से इस तरह की कोई जानकारी नहीं ली थी और ऐसा कोई सवाल स्वीकार नहीं किया गया था." द्विवेदी ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

पिछले महीने ब्राह्मण मुद्दे पर कई विपक्षी नेता राज्य सरकार के आलोचक रहे हैं. पिछले महीने कानपुर में गैंगस्टर विकास दुबे की 10 जुलाई को हुई हत्या के बाद इसे राजनीतिक गति मिली. घटना में दुबे के पांच सहयोगी मारे गए थे. राज्य के ब्राह्मण मतदाताओं का लगभग 10 फीसदी हिस्सा एक प्रभावशाली वोट बैंक का गठन करते हैं. सभी पार्टियां उन्हें लुभाने की कोशिश करती हैं. इस महीने की शुरुआत में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि अगर वह सत्ता में होते तो उनकी पार्टी भगवान परशुराम के नाम पर अस्पतालों का निर्माण करेगी.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घोषणा की थी कि वह परशुराम की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करेंगे. हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ब्राह्मण राज्य में उत्पीड़न महसूस कर रहे हैं और सत्तारूढ़ भाजपा से संबंधित समुदाय के विधायक भी नाखुश हैं. नतीजतन, संजय सिंह के खिलाफ यूपी के कई जिलों में दुश्मनी को बढ़ावा देने और राज्य में शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में एफआईआर दर्ज की गईं.

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First published: 31 August 2020, 7:59 IST
 
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