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नसीमुद्दीन का मायावती पर पलटवार: 'महारानी' से बड़ा ब्लैकमेलर दुनिया में नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 May 2017, 18:18 IST
Nasimuddin

बसपा से निष्कासित होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने लगातार दूसरे दिन पार्टी सुप्रीमो मायावती पर टिकट और मेंबरशिप के नाम पर लोगों की जमीनों का बैनामा करा लेने का इल्जाम लगाया.

नसीमुद्दीन ने मायावती की संगठनात्मक क्षमता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहरी निकाय के चुनाव होने हैैं, जिसमें वह पार्षद चुनाव जीतकर दिखाएं.

खुद पर टेपिंग ब्लैकमेलर होने के इल्जाम पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने मायावती से जो सीखा, वह उन्हें लौटाया है. 'महारानी ' (मायावती) से बड़ा ब्लैकमेलर दुनिया में नहीं देखा."

बीते बृहस्पतिवार को पहले नसीमुद्दीन ने ऑडियो रिकार्डिंग के जरिये मायावती पर वसूली का इल्जाम लगाया. उसके कुछ ही देर बाद मायावती ने नसीमुद्दीन को टेपिंग ब्लैक मेलर की उपमा दी और पार्टी का धन हड़पने वाला ठहराया.

शुक्रवार को नसीमुद्दीन ने मायावती के हर एक इल्जाम का जवाब दिया. कहा कि मायावती, सतीश चंद्र मिश्र एंड कंपनी और मायावती के भाई आनंद कुमार का तथ्यों के साथ जवाब दूंगा.

उन्होंने कहा कि मायावती ने बसपा के सैकड़ों वफादार लोगों को प्रताड़ित कर बाहर निकाला. जिसमें बरखूराम, आरके चौधरी, राज बहादुर, जंग बहादुर, सोनेलाल पटेल, रामाधीन बाबू, बाबू सिंह कुशवाहा समेत दो दर्जन लोग शामिल हैैं.

नसीमुद्दीन ने कहा, "मैंने मजबूरी में फोन टेप किया, ताकि अपने परिवार को बचा सकूं. मैंने जो ऑडियो टेप जारी किए, उसमें ब्लैकमेलिंग कहां है? वह मेरी सच्चाई साबित करते हैैं."

नसीमुद्दीन ने वहां मौजूद दो नेताओं का नाम लेकर कहा कि इनके सामने मायावती ने कहा था कि अपने बेटे को फतेहपुर से चुनाव लड़ा दो. बार-बार मना करने के बाद चुनाव लड़ाया और मुझे प्रचार में नहीं जाने दिया.

मायावती ने कहा कि 1990 में बांदा नगर पालिका का चुनाव हार गया, जबकि इस वर्ष वहां कोई चुनाव हुआ ही नहीं. 1990 में चुनाव हुआ होगा तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा. अगर नहीं हुआ तो मायावती खुद राजनीति से संन्यास ले लें.

नसीमुद्दीन ने कहा कि मायावती कह रही हैैं कि कांशीराम ने कहा था नसीमुद्दीन ठीक नहीं है, इसको आगे मत बढ़ाना. इसका अर्थ यह हुआ कि कांशीराम जो कहते थे वे उसके विपरीत काम करती थीं. क्योंकि कांशीराम के जीवित रहते वह सिर्फ प्रदेश सचिव थे, उनके स्वर्गवासी होने के बाद राष्ट्रीय महासचिव क्यों बना दिया? सरकार में 18-18 विभाग क्यों दिए मुझे?

नसीमुद्दीन ने कहा कि सच्चाई यह है कि कांशीराम ने कहा था ये (सतीश चंद्र मिश्रा) मिशन चौपट कर देगा. इससे दूर रहना. आज मिश्राजी ने मिशन चौपट कर दिया. कल इन्होंने (मायावती) कह दिया मेरी बेटी नहीं थी. वह क्या जाने औलाद क्या होती है.

नसीमुद्दीन ने कहा कि सच्चाई उजागर होने के बाद बसपा के अपराधियों का गिरोह सक्रिय हो गया है. मायावती और सतीश मिश्रा मुझ पर, परिवार और समर्थकों पर हमले करा सकते हैं.

पूर्व बसपा नेता ने कहा कि हाईकोर्ट ने जेड श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है, इसलिए सुरक्षा बरकरार रखने की मांग करता हूं.

First published: 13 May 2017, 18:18 IST
 
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