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यूपी में नए 'बंटी-बबली' गिरफ़्तार, बैंकों को लगाया था करोड़ों का चूना

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2017, 17:17 IST

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गोमतीनगर थाना क्षेत्र से बुधवार देर रात बैंकों से करोड़ों का लोन लेकर फरार हुए इनामी दंपति को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दंपति के पास से पास से ऑडी कार और स्कार्पियो कार बरामद की है.

पति सूरज मिश्र दूसरी कक्षा और पत्नी शालिनी मिश्र पांचवीं कक्षा पास है. इनामी दंपति पर राजधानी लखनऊ के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं. उनकी गिरफ्तारी पर 12-12 हजार रुपये के इनाम घोषित थे.

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ डॉ. अरविंद चतुर्वेदी को पता लगा कि लखनऊ में कई बैंकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाला दंपति पति सूरज मिश्र और पत्नी शालिनी मिश्र सक्रिय है, जिनकी गिरफ्तारी पर 12-12 हजार रुपये का इनाम है.

पुलिस के मुताबिक, एसटीएफ टीम में दोनों के खिलाफ सूचना एकत्र करना शुरू किया, जिसमें पता चला कि दोनों के खिलाफ जानकीपुरम, विकासनगर एवं थाना-हजरतगंज में धोखाधड़ी और कूटरचना संबंधी विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं.

पता लगा कि क्रमश: दूसरी और पांचवी कक्षा पास ये पति-पत्नी लोन के लिए आवश्यक दस्तावेजों के तथ्यों को छिपाकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लोन लेते हैं और किस्त भरे बिना गायब हो जाते हैं. वर्ष-2014 में विजया बैंक, हजरतगंज से लगभग एक करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट प्राप्त की और उसी पर एक करोड़ रुपये का लोन लिया.

एसएसपी एसटीएफ अरविंद चतुर्वेदी ने बताया, "पूछताछ में पता चला कि मूल रूप से कोलकता निवासी सूरज मिश्र ने वर्ष-2001 में लखनऊ के नाका मार्केट इलेक्ट्रानिक की दुकान खोली और उसी दौरान शालिनी से प्रेम विवाह किया. उसके बाद जाली दस्तावेजों पर उसने जानकीपुरम सेक्टर-6 स्थित अपने मकान की जमीन की रजिस्ट्री अपने और आधी शालिनी के नाम से कराई थी. दोनों के नाम से उसने बैंकों से लोन लिया."

उन्होंने बताया, "कुछ ही दिनों बाद उसने विजया बैंक से पत्नी के हिस्से के कागजात और अपनी रजिस्ट्री की गुमशुदगी के इश्तिहार पर एक करोड़ रुपये का लोन लिया. इसके बाद दोनों ने कई बार किसी न किसी वाहन या वस्तु पर बैंकों से जाली दस्तावेजों पर लोन लिया."

पूछताछ के अधार पर एएसपी का कहना है कि फर्जी दस्तावेज लगाने के लिए बैंक अफसरों ने हर कदम पर इन दंपति की मदद की, जिसकी जांच की जा रही है.

सूरज के पास से बरामद संरक्षक, एंटी करप्शन न्यूज एंड न्यूज के कार्ड के बारे में पूछने पर बताया कि उसने यह कार्ड कोई दीक्षित जी ने बनाकर दिया था, जो इस नाम की पत्रिका लखनऊ में प्रकाशित करते हैं. इसकी प्लेट बनाकर सूरज ने अपनी एक अन्य गाड़ी पर भी लगा रखी थी. दोनों के खिलाफ थाना-हजरतगंज में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

First published: 21 July 2017, 17:17 IST
 
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