Home » उत्तर प्रदेश » UP: Yogi Adityanath Govt will probe Yash Bharti award started by Mulayam in 1994
 

मुलायम के शुरू किए UP के सबसे बड़े 'यश भारती सम्मान' की जांच कराएंगे योगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 April 2017, 17:02 IST

योगी सरकार 1994 में शुरू हुए यूपी के यश भारती अवॉर्ड की जांच कराएगी. यह अवॉर्ड सपा के संरक्षक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 1994 में शुरू किया था. यश भारती सम्मान के तहत यूपी से संबंध रखने वाले ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने कला, संस्कृति, साहित्य या खेलकूद के क्षेत्र में देश के लिए नाम कमाया हो.

यश भारती सम्मान में 11 लाख रुपये के अलावा ताउम्र 50 हजार रुपये की पेंशन भी मिलती है. अब तक यह पुरस्कार अमिताभ बच्चन, हरिवंश राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, जया बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, शुभा मुद्गल, रेखा भारद्वाज, रीता गांगुली, कैलाश खेर, अरुणिमा सिन्हा, नवाज़ुद्दीन सिद्द़ीकी़, नसीरुद्दीन शाह, रविंद्र जैन और भुवनेश्वर कुमार जैसी हस्तियों को मिल चुका है. 

अखिलेश के कार्यकाल में उठा था सवाल

हालांकि मायवाती ने अपनी सरकार आने पर यह पुरस्कार बंद कर दिए थे. 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इसे दोबारा शुरू कर दिया. इस बार पुरस्कार को लेकर सवाल उठे थे. आरोप लगे कि तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने तमाम गरीब लोगों को आर्थिक मदद करने के लिए यश भारती पुरस्कार दे दिया.

यही नहीं मुख्यमंत्री के नए दफ्तर लोक भवन के सभागार में अखिलेश यादव ने पुरस्कार समारोह का संचालन करने वाली महिला को भी मंच से यश भारती पुरस्कार देने का एलान कर दिया था. गौरतलब है कि 19 मार्च को यूपी में योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद सपा के समय में शुरू कई योजनाओं पर सरकार की टेढ़ी नजर है. इससे पहले यूपी सरकार ने राज्य सरकार की योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने का एलान किया था.

First published: 21 April 2017, 17:02 IST
 
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