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अब दहेज में कार ना मिलने पर शौहर ने बीवी से कहा, तलाक.तलाक.तलाक

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2017, 12:46 IST

मोदी सरकार जहां एक बार में तीन तलाक को अपराध घोषित करने के लिए तीन तलाक बिल पर तेजी से काम कर रही है. वहीं तीन तलाक के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं.

तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए लोकसभा में गुरुवार शाम को एक बार में तीन तलाक संबंधी 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक' ध्वनिमत से पारित हो गया. इस बिल को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ऐतिहासिक करार दिया.

उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद में शुक्रवार को एक महिला ने अपने पति पर एक बार में तीन तलाक देने का आरोप लगाया. जिस महिला ने अपने पति पर तीन तलाक देने का आरोप लगाया है उसका नाम वरीशा है. वरीशा ने अपने पति पर दहेज मांगने का आरोप लगाया.

वरीशा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, " मेरे पति ने दहेज की मांग पर एक बार में तीन तलाक दे दिया. उसने मुझसे कहा कि या तो मुझे 10 लाख रुपये नकद दो या फिर एक कार, नहीं तो मैं तुम्हें छोड़ दूंगा."

इससे पहले गुरुवार को तीन तलाक का एक और मामला सामने आया था. ये मामला भी यूपी का था. यूपी के रामपुर में अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव में गुलअफशा को उसके शौहर ने देर से उठने की वजह से एक बार में तीन तलाक दे दिया. इसके बाद शौहर ने उसे घर से निकाल दिया और घर में ताला लगाकर फरार हो गया.

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पीड़ित गुलअफशा को ताला तोड़कर उसके घर वापस पहुंचाया. गुलअफशा की शादी को महज छह महीने हुए थे. गुलअफशा ने कासिम के साथ लव मैरिज की थी. इन दोनों के रिश्ते में शादी के बाद से परेशानियां आने लगी.

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने  लोकसभा में तीन तलाक को ध्वनिमत से पारित करा लिया गया. वहां इसके खिलाफ सारे प्रस्ताव नामंजूर हो गए. सूत्रों के मुताबिक सरकार इस बिल को अगले हफ्ते राज्यसभा में पेश कर सकती है.

तीन तलाक पर ये हैं प्रावधान-

इस बिल के मुताबिक एक बार में तीन तलाक लेने वाले शख्स को तीन साल की तक सजा हो सकती है. इसके अलावा इस अपराध को गैर जमानती बनाया गया है. तीन तलाक लेने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी इस विधेयक में किया गया है.

ये बिल पीड़ित महिला को अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से गुहार लगाने की शक्ति देगा. पीड़िता को कितना गुजारा भत्ता देना है, उसकी धनराशि मजिस्ट्रेट तय करेगा. इस बिल के तहत, एक बार में किसी भी तरह का तीन तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सऐप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) गैरकानूनी होगा.

First published: 29 December 2017, 12:42 IST
 
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