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मायावती और अखिलेश के रास्ते पर चलेंगे यूपी के सीएम योगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2017, 19:15 IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधान परिषद उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. उनके साथ ही यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य ने भी पांच सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए. 

उत्तर प्रदेश के दो अन्य मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और मोहसिन रजा ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए. नामांकन दाखिल करते समय राज्य विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, राज्य सरकार के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल और अन्य मंत्रियों सहित भाजपा के बड़े नेता मौजूद थे. 

यह उपचुनाव समाजवादी पार्टी के चार सदस्यों (एमएलसी) बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह, सरोजनी अग्रवाल और अशोक बाजपेयी और बसपा के एक सदस्य जयवीर सिंह के विधान परिषद से इस्तीफे के कारण हो रहा है. भाजपा के पांचों उम्मीदवार अभी विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.

मंत्री पद की शपथ लेने के बाद इन सभी को छह महीने के भीतर यानी 19 सितंबर तक किसी न किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है. बसपा के विधान परिषद सदस्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई पांचवीं सीट के लिए चुनावी कार्यक्रम जारी कर चुनाव आयोग ने भाजपा की समस्या सुलझा दी है.

नवाब और सिंह का कार्यकाल 2022 में खत्म होना था, जबकि अग्रवाल और बाजपेयी का कार्यकाल 2021 में, लेकिन इन सभी ने अचानक इसी महीने इस्तीफा दे दिया. अग्रवाल, बाजपेयी और नवाब ने इस्तीफे के बाद भाजपा का दामन थाम लिया है.

यूपी विधान परिषद के उपचुनाव की अधिसूचना 29 अगस्त को जारी की गई थी और पांच सितंबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख आठ सिंतबर है. चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान 15 सितंबर सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा. मतों की गिनती उसी दिन शाम पांच बजे होगी और चुनावी प्रक्रिया 18 सितंबर तक पूरी हो जाएगी. 

मुख्यमंत्री योगी उच्च सदन में जाने का निर्णय लेकर अखिलेश और मायावती की सूची में शामिल हो गए हैं. ये  दोनों नेता भी विधान परिषद के सदस्य थे. योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लोकसभा सांसद हैं और उन्होंने 19 मार्च को उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले मौर्य फूलपुर से लोकसभा सांसद हैं और शर्मा लखनऊ के मेयर रह चुके हैं. आदित्यनाथ और मौर्य दोनों ने अपनी-अपनी लोकसभा सीटों से इस्तीफा नहीं दिया है.

First published: 5 September 2017, 19:15 IST
 
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