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योगी के दखल के बाद स्कूली बच्चों को फिर मिले शिक्षामित्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 August 2017, 15:30 IST
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उत्तर प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से आंदोलन कर रहे शिक्षामित्र बुधवार को स्कूलों में पहुंचे. जिन स्कूलों में अभी तक ताले लटके हुए थे, वहां सुबह से चहल-पहल थी, बच्चे भी स्कूल पहुंचे और पढ़ाई शुरू हो गई.

सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद से ही प्रदेश में शिक्षामित्र आंदोलन पर थे. मंत्री, सांसदों, विधायकों का आवास घेरने के साथ ही इन लोगों ने प्रदेश के सभी जिलों में हाईवे पर प्रदर्शन किया था. आंदोलन के दौरान चार शिक्षामित्रों ने खुदकुशी भी कर ली थी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शिक्षामित्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. इसके बाद यूपी के शिक्षा मित्रों ने बुधवार से स्कूलों में पठन-पाठन बहाल करने का एलान किया था. साथ ही शिक्षा मित्रों का बीते एक हफ्ते से चल रहा आंदोलन स्थगित हो गया था.

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर सदन में नया आधिनियम पारित करने, जब तक शिक्षा मित्र टीईटी न पास करें, तब तक वेतन की धनराशि मानदेय के रूप में दिए जाने, प्रदर्शन के दौरान मारे गए या आत्महत्या करने वाले शिक्षा मित्रों के परिवारों को मुआवजा दिए जाने की मांग भी रखी.

हालांकि शिक्षा मित्रों ने एलान किया है कि अगर दो हफ्ते के भीतर समाधान नहीं निकला, तो वे फिर सड़कों पर उतरेंगे. बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिक्षमित्रों के प्रति संवेदनशील हैं. उनकी समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जा रहा है, लेकिन इससे पहले शिक्षा मित्र स्कूलों में जाकर पढ़ाएं.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों के विषय में दिए गए आदेश से प्रदेश में कार्यरत 1 लाख 37 हजार ऐसे शिक्षामित्र, जिन्हें उत्तर प्रदेश नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियमावली, 2011 के नियम 16 'क' के अन्तर्गत सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया था, उनकी नियुक्ति रद्द हो गई थी.

साभार: आईएएनएस

First published: 2 August 2017, 15:30 IST
 
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