Home » उत्तर प्रदेश » Yogi Adityanath's UP: Romeos in danger, cow vigilantes demand pound of flesh
 

भगवा राज: योगी का उदय और उग्र होते रक्षक दल

अतुल चंद्रा | Updated on: 25 March 2017, 9:18 IST


अगर आप मांसाहारी हैं तो शाकाहारी बनने के लिए तैयार हो जाइए. अगर आप सड़क पर किसी महिला या लड़की के साथ चल रहे हैं तो अपराधी बनने के लिए तैयार हो जाइए. योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का स्वागत है जहां अलग-अलग तरह के रक्षकों के सदस्यों ने बसेरा बना लिया है और वे हुकूमत कर रहे हैं.

एंटी रोमियो स्कवॉड की मिसाल लीजिए. लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्कवॉड ने रिक्शे से जा रहे एक युवा जोड़े को निशाने पर ले लिया. पुरुष को तो कुछ समय के लिए हजरतगंज थाने पर रोक लिया गया जबकि महिला को नैतिकता की गम्भीर सीख और उपदेश देते हुए जाने की अनुमति दे दी गई. मंगलवार को स्कवॉड दल के सदस्यों ने युवा दम्पत्तियों को अपना निशाना बनाया जो कुछ समय के लिए लोहिया पार्क में चहलकदमी के लिए साथ-साथ निकले थे.


कहना न होगा कि पुलिस वाले भी बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार करने लग गए हैं जिस तरह का व्यवहार वह वेलेन्टाइन डे पर युवा जोड़ों का मुंह कालाकर और उन्हें अपमानित करके किया करते थे.


कट्टर पुलिस कर्मियों की इस कार्रवाई से नई सरकार की छवि खराब होने का अंदाज लगाकर राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि एंटी रोमियो ऑपरेशन का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकना है.


उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस ऑपरेशन के तहत किसी मासूम या अपने दोस्तों के साथ बैठे व्यक्ति को बिना बात तंग नहीं किया जाए, अगर लड़का-लड़की पार्क में बैठे हैं तो उन्हें जानबूझकर परेशान न किया जाए. सुरक्षा कर्मियों को आदेश दिए गए हैं कि वे सादे कपड़ों में रहकर यह सुनिश्चित करें कि हर महिला और छात्रा सुरक्षित रूप से घर पहुंच जाए.


लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजील सैनी ने भी कहा है कि जोड़ों को परेशान नहीं किया जाएगा. लेकिन इस ऑपरेशन के लिए जिन पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है जब तक वे इस मुद्दे पर संवेदनशील नहीं होंगे, मॉरल पुलिसिंग के उद्देश्य तक नहीं पहुंचा जा सकता.

 

यह चुनावी अजेंडा था

समाजवादी पार्टी द्वारा सुरक्षात्मक माहौल उपलब्ध करा पाने में विफल रहने का मुद्दा भाजपा ने अपने चुनावी अभियान में जोर-शोर से उठाया था. गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा गया था कि वहां रात में भी लड़कियां आराम से आती-जाती हैं. उनके साथ छेड़छाड़ या शोषण की कोई घटना नहीं होती. गुजरात में इस तरह की घटनाएं पहले से ही नहीं होती रहीं हैं या यह भाजपा की नीतियों का परिणाम है, इसका निश्चित तरीके से कोई उल्लेख नहीं किया गया था.

 

लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं की निगरानी के लिए 23 रोमियो स्कवॉड बनाए हैं. हर स्कवॉड की अगुवाई एक पुलिस उपनिरीक्षक करेगा. इस दल में महिला सिपाही समेत पांच पुलिसकर्मी होंगे. सप्ताह में छह दिन उनकी ड्यूटी सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक स्कूलों के बाहर होगी. रविवार को छुट्टी के दिन यह स्कवॉड सार्वजनिक स्थलों की पेट्रोलिंग करेगा.

 

उत्पीड़न तय


पर सरकार की इस व्याख्या के बावजूद लगता है कि एंटी रोमियो दल को पुलिस द्वारा उत्पीड़न किए जाने के अधिकार दे दिए गए हैं. वे निगरानी सदस्यों को भी प्रोत्साहित करेंगे कि वे जोड़ों के खिलाफ पुलिस को शिकायत करें. विशेषकर दो धर्मों वाले और दो विभिन्न जातियों वाले जोड़ों की, भले ही वे आपसी सहमति से साथ बैठे हों.


इसी के साथ ही समान रूप से सरकार ने बूचडख़ानों को बंद करने का निर्णय लिया है. इस अभियान का उद्देश्य अवैध रूप से काटे जा रहे भैंसों के वध पर रोक लगाना है. अधिकारियों की टीम बूचडख़ाने के इर्द-गिर्द निगरानी तो कर ही रही है, बकरे का मांस बेचने वालों को भी इस दायरे में ले लिया गया है और वे इधर-उधर हो गए हैं. लखनऊ के चिड़ियाघर में रखे गए शेरों को भी चिकन खिलाए जाने के हालात हैं.


लखनऊ के चौक में स्थित मशहूर टुंडे के कबाब की दुकान कच्चा माल यानी भैंसे के मीट की कमी से गुरुवार को सुबह के वक्त आधे दिन बंद रही. दुकान से अस्थाई रूप से चिकन और मटन कबाब मिला. मीट के नाम पर सांप्रदायिक उन्माद उस समय देखने को मिला जब हाथरस में कसाईयों की तीन दुकानें आग में झोंक दी गईं थीं.


लखनऊ नगर निगम के मुख्य पशु अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार राव की निगरानी में बुधवार को अवैध रूप से चल रही 20 दुकानों और बुचड़खानों को सील कर दिया गया. राज्य सरकार ने बुचड़खानों के केवल 285 लाइसेंस जारी किए हैं. इनमें से अधिकांश लाइसेंसों का पिछले दो सालों से नवीनीकरण नहीं कराया गया है.

 

वादे से मुकरी भाजपा

 

उप्र में पिछले साल 17,000 करोड़ रुपए के मीट का व्यापार हुआ था. पश्चिमी उप्र से अकेले ही 14,000 करोड़ रुपए के मीट का निर्यात हुआ था. भाजपा और अमित शाह के अन्य चुनावी वादों में मशीनों के माध्यम से चल रहे बूचड़खानों को बंद करने का वादा भी था. एक वादे को हिन्दू भावनाओं के साथ भी खेला गया. भाजपा ने बहुत ही महीन तरीके से गौवध बंदी से खिसककर अवैध रूप से चल रहे बुचड़खानों को बंद करने पर ध्यान केन्द्रित कर लिया जिसका राज्य में भैंस और बकरे के वध पर भी असर हुआ.


इसका उप्र में मीट के कारोबार से जुड़े लाखों लोगों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा. कहना न होगा कि मीट के व्यापार से जुड़े कई लोग मुस्लिम हैं. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के रूप में आरोहण से दक्षिणपंथी रक्षक दल ख़ासे उत्साहित हुए हैं. एक अन्य कथित घटना में इस समय मेरठ में योगी के नाम पर एक दल को मुस्लिम महिलाओं की पिटाई करते देखा गया है. स्पष्ट रूप से, इस दल में शामिल एक व्यक्ति चिल्लाकर कह रहा था-आ गया तुम्हारा बाप योगी.

 

First published: 25 March 2017, 9:18 IST
 
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