Home » उत्तर प्रदेश » Yogi Adityanath: Those Silent on Triple Talaq and Uniform Civil Code are like criminals
 

मोदी के बाद योगी बोले- तीन तलाक पर द्रौपदी के चीरहरण की तरह कुछ लोग चुप

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 April 2017, 12:58 IST
(एएनआई)

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन तलाक और समान नागरिक संहिता पर चुप्पी साधने वालों पर निशाना साधा है. चौबीस घंटे के अंदर पीएम मोदी के बाद तीन तलाक को लेकर भाजपा के किसी बड़े नेता का ये दूसरा अहम बयान है.

लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "ट्रिपल तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है लेकिन कुछ लोगों के मुंह क्यों बंद हैं. जो लोग इस मुद्दे पर चुप हैं वे भी अपराधी जैसे हैं." 

सीएम योगी ने कहा, "जिस तरह से महाभारत में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था और वहां बैठे राजा-महाराजा आंखों में पट्टी बांधे हुए थे, ठीक उसी तरह से हमारी मुस्लिम बहनों का चीरहरण हो रहा है और कुछ लोग आंख बंद किए  बैठे हैं."

कॉमन सिविल कोड की पैरवी
योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान तीन तलाक के साथ-साथ समान नागरिक संहिता का भी जिक्र किया. योगी ने कहा, "देश की समस्या पर कुछ लोगों के मुंह बंद हैं, तीन तलाक पर कुछ लोगों ने अपने मुंह को बंद कर रखा है. कश्मीर की समस्या हो या पंजाब की समस्या हो या फिर श्रीलंका की समस्या हो. देश अगर एक है तो देश में समान नागरिक संहिता क्यों नहीं है. संविधान के दायरे में रहकर राजनीति होनी चाहिए."

योगी ने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को भी कॉमन सिविल कोड का पैरवीकार बताते हुए कहा, "चंद्रशेखर जी ने कहा था कि अगर हमारे फौजदारी के मामले और शादी-विवाह समान हैं, तो समान नागरिक संहिता क्यों नहीं?" 

चंद्रशेखर की तारीफ़

इस दौरान योगी ने कहा कि पूर्व पीएम चंद्रशेखर की जमकर तारीफ करते हुए कहा, "चंद्रशेखर ने कश्मीर के जाने पर एकता जाने की बात की थी, हमनें उनके अनेक रूपों को देखा है. उनमें देश की समस्याओं को दूर करने की वेदना थी, चंद्रशेखर समाजवादी होते हुए भी आध्यात्मिक थे. उन्होंने स्वदेशी आंदोलन को काफी बल दिया."

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "चंद्रशेखर जी में कड़वे सच को बोलने का साहस था. चंद्रशेखर एक थे, लेकिन कई विचारधाराओं को नेतृत्व करते थे." गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में रविवार को कहा है कि तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ़ मिलना चाहिए. इसके लिए समाज में संघर्ष के बजाए जागरूकता की जरूरत है.

First published: 17 April 2017, 12:23 IST
 
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