Home » उत्तर प्रदेश » Yogi cabinet may be reduce at-least 30 ministers lost their ministry
 

योगी कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल, 30 मंत्रियों की छिन सकती है कुर्सी

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2018, 8:55 IST

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जो दर्जनों मंत्रियों की कुर्सी हिलाकर रख सकती है. बताया जा रहा है कि योगी कैबिनेट में जल्द बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है. इस बात की चर्चाएं तब शुरू हुईं जब मंगलवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आरएसएस नेताओं से मिले.

दरअसल, आरएसएस की इस बैठक में यूपी में बनीं 80 मंत्रालयों को घटाकर 50 करने पर विचार किया गया. अगर वाकई ऐसा होता है तो फिर एक दो नहीं बल्कि दर्जनों मंत्रियों की कुर्सी अपने आप चली जाएगी. खबरों की मानें तो इस बैठक में लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र राम मंदिर समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई है.

हाल ही में हुए लोकसभा उपचुनावों में मिली करारी हार के बाद से ही यूपी की योगी सरकार के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं. आपको बता दें पहले योगी सरकार ने फूलपुर की सीट गंवाई उसके बाद कैराना लोकसभा सीट से भी हाथ धोना पड़ा था, जिसका खामियाजा मोदी सरकार को भुगताना पड़ा. हालांकि इससे बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के महासचिव भैय्याजी जोशी और वरिष्ठ नेता कृष्ण गोपाल से मिलने खासतौर पर दिल्ली पहुंचे थे. कुछ ही देर बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी वहां पहुंचे लेकिन संघ सूत्रों का कहना है सीएम योगी आदित्यनाथ की मुलाकात मोहन भागवत से नहीं हुई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ दिल्ली में संघ नेताओं से मिलने के बाद शाम को लखनऊ में भी संघ नेताओं से मिले. आरएसएस नेताओं से योगी आदित्यनाथ की यह मुलाकात अयोध्या में संत सम्मेलन के एक ही दिन बाद हुई. बता दें कि संत सम्मेलन में संतों ने राम मंदिर निर्माण में देरी को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी.

ये भी पढ़ेंः 'सरकार मर्यादा न सिखाए, पहले वचन निभाए'- तोगड़िया

इस बात को लेकर राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य रामविलास वेदांती ने कहा कि इस संत सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों की नाराजगी को करीब से देखा. हालांकि, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंदिर जरूर बनेगा लेकिन अभी अदालत के फैसले का इंतजार है.

First published: 27 June 2018, 8:30 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी