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श्रमिकों से 12 घंटे काम लेने वाले श्रम संशोधन से पीछे हटी योगी सरकार, वापस ली अधिसूचना

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2020, 10:10 IST

UP Government withdrawal notificatio of new labour law: उत्तर प्रदेश में श्रमिकों से 12 घंटे काम लेने वाले श्रम कानून (Labour Law) को योगी सरकार (Yogi Government) ने आखिरकार वापस ले लिया. इसी के साथ यह तय हो गया है कि कारखानों और फैक्ट्रियों (Factory) में काम करने वाले मजदूरों (Labourers) को अब पहले की तरह ही आठ घंटे काम करना पड़ेगा. इससे पहले लॉकडाउन के दौरान योगी सरकार ने सभी श्रम कानूनों को करीब तीन साल के लिए निरस्त करने की घोषणा की थी, श्रमिकों से 12 घंटे काम करने वाली अधिसूचना भी जारी की थी.

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस कानून को एक सप्ताह बाद ही वापस ले लिया है. फैक्ट्री ऐक्ट (Factory Act) में किए गए इस संशोधन की अधिसूचना को वापस लिए जाने के बाद राज्य में अब फिर श्रमिकों से काम कराने की अवधि अधिकतम आठ घंटे हो गई है. बता दें कि शासन की इस अधिसूचना को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी, जिस पर अगली सुनवाई 18 मई को होनी है.


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इस संबंध में हाईकोर्ट में दायर याचिका जवाब देते हुए शुक्रवार को प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि पूर्व में जारी की गई अधिसूचना को निरस्त कर दिया गया है. इसके मुताबिक अब मजदूरों को 8 घंटे ही काम करना होगा. इससे पहले सरकार ने आठ घंटे के बजाए 12 घंटे न्यूनतम काम का समय तय कर दिया था, हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था.

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गौरतलब है कि बीती 8 मई को प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के कारण दिक्कत झेल रहे फैक्ट्री मालिकों को राहत देते हुए श्रम कानून को तीन साल तक के लिए निरस्त करने का आदेश दिया था. जिसमें श्रमिकों से 8 की बजाय 12 घंटे तक काम ले की बात कही गई थी. इस सिलसिले में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा ने अधिसूचना भी जारी की थी.

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संशोधन की अधिसूचना को खत्म किए जाने की जानकारी प्रमुख सचिव (श्रम) सुरेश चंद्रा ने शुक्रवार को पत्र के जरिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य स्थायी अधिवक्ता को दे दी. पत्र में जानकारी दी गई है कि 8 मई को इस संबंध में जारी अधिसूचना को शुक्रवार यानी 15 मई को निरस्त कर दिया गया है.

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First published: 16 May 2020, 10:10 IST
 
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