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जेवर हवाई अड्डे के लिए मुफ्त में जमीन देगी योगी सरकार, 2023 तक बनकर होगा तैयार

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 September 2019, 10:12 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गौतमबुद्धनगर में बनने वाले जेवर एयरपोर्ट के लिए फ्री जमीन देगी. जिसका निर्माण साल 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा. इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अगले साल यानी जनवरी-फरवरी 2020 से शुरु हो जाएगा. बता दें कि योगी सरकार ने जेवर हवाई एयरपोर्ट के निर्माण को और तेजी देते हुए ग्रामसभा और राज्य सरकार की जमीन नागरिक उड्डयन विभाग को मुफ्त देने का निर्णय लिया है.

राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस निर्णय के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि, ‘‘बैठक में जेवर हवाई एयरपोर्ट के लिये नागरिक उड्डयन विभाग को ग्रामसभा की 59.79 हेक्टेयर और राज्य सरकार के स्वामित्व वाली 21.36 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने का फैसला किया गया है. पहले चरण में इस हवाई अड्डे का विस्तार 1334 हेक्टयर क्षेत्र में किया जाएगा और इसके साल 2023 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है.’’

बता दें कि करीब 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले जेवर एयरपोर्ट के निर्माण पर 15754 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसका संचालन पूरी तरह शुरू होने पर इसमें 8 रनवे काम करेंगे. बता दें कि इतनी संख्या में रनवे देश के किसी दूसरे हवाई अड्डे पर नहीं हैं. इस एयरपोर्ट की शुरुआत वाले साल में ही 50 लाख यात्रियों के आने की उम्मीद है.

जेवर एयरपोर्ट बनने का बाद आगरा, मथुरा, गौतमबुद्धनगर सहित अनेक स्थानों के हवाई सम्पर्क के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. ये एयरपोर्ट समूचे उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तराखण्ड और हरियाणा आदि प्रदेशों से जोड़ेगा. इस एयरपोर्ट की नोएडा से दूर 57 किलोमीटर होगी. वहीं गाजियाबाद से ये 73 किलोमीटर दूर होगा. इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट अलीगढ़ से 83 किलोमीटर दूर होगा.

प्रतीकात्मक फोटो

जेवर एयरपोर्ट का पूरी तरह से निर्माण होने के बाद ये देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा. बता दें कि आईजीआई एयरपोर्ट 2400 हेक्टेयर में जबकि मुंबई एयरपोर्ट 1400 हेक्टेयर में बना हुआ है. वहीं जेवर एयरपोर्ट 5000 हेक्टेयर में होगा. इस एयरपोर्ट के बनाने का मकसद दिल्ली स्थित आईजीआई एयरपोर्ट का बोझ कम करना है. साथ ही इमरजेंसी में इसे विकल्प के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

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First published: 11 September 2019, 10:12 IST
 
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