Home » वायरल न्यूज़ » Catch Fact Check: Know the truth of the news claiming to be in the forests of Uttarakhand
 

कैच फैक्ट चेक: उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का दावा करने वाली खबर का सच जानिए

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2020, 16:42 IST

Catch fact check : एक ओर देश जहां कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है, दूसरी ओर फेक न्यूज़ का बाजार भी रोज नई खबरें फैलाने में लगा हुआ है. सोशल मीडिया में लगातार दावा किया जा रहा है कि इन दिनों उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है. आग की चपेट में उत्तराखंड के कई जिले हैं. एक मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है. इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के जंगलों में आग बढ़ती जा रही है लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है. आइए जानते हैं उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का दावा करने वाली खबर खबर का सच क्या है.

दावा- उत्तराखंड के जंगलों में लगी है भीषण आग

तथ्य- आग की खबर पूरी तरह से गलत है, विदेश की तस्वीरें वायरल

क्या है वायरल मैसेज ?

कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म व्हाट्सएप, ट्विवटर और फेसबुक पर आग लगने का दावा करने वाली खबर तेजी से वायरल हुई है. दावा किया गया है कि उत्तराखंड के जंगलों में आग लगी है. इस आग ने कई जिलों में धीरे-धीरे पूरे जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया है. जंगल पूरे ख़ाक हो रहे हैं लेकिन सरकार इसे रोकने में नाकामयाब हुई है.

 

क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई?

हमारी फैक्ट चेक टीम ने जब इस आग लगने वाली खबर की पड़ताल की तो पता चला कि यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है. उत्तराखंड के जंगलों में इस वक्त ऐसी कोई आग नहीं लगी है. पड़ताल के दौरान फैक्ट चेक टीम ने उत्तराखंड के वन विभाग की वेबसाइट से लेकर कई न्यूज़ स्रोतों की जांच की. साथ ही उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को खंगाला.


इन सभी सूचना स्रोतों से इस खबर की कोई पुष्टि नहीं हुई. कुछ कीवर्ड्स सर्च करने पर आग लगने की पुरानी खबरें जरूर मिली. उत्तराखंड के जंगलों में पिछले कुछ सालों में आग लगने की खबरें आयी हैं, जो इंटरनेट पर मौजूद हैं लेकिन इस बार कोई खबर ऐसी नहीं मिली.

उत्तराखंड के सीएम आये सामने

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को इन फर्जी ख़बरों को रोकने के लिए अपने ट्विटर पर लोगों को सच बताना पड़ा. उन्होंने अपने ट्विटर अकॉउंट पर लिखा ''चीन और चिली के जंगलों मे लगी आग एवं वर्ष 2016 और 2019 की वनाग्नि की पुरानी तस्वीरों के माध्यम से उत्तराखंड के खिलाफ एक भ्रामक और सत्य से परे दुष्प्रचार चल रहा है. कृपया ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसी भ्रामक खबरों से सावधान रहें''.

कैच फैक्ट चेक: क्या क्वारंटाइन सेंटर में मजदूरों ने दलित महिला के हाथ का खाना खाने से इनकार कर दिया ?

प्रेस इनफॉरमेंस ब्यूरो ने (PIB) भी इस खबर को गलत करार दिया. पीआईबी ने एक ट्वीट में कहा ''सोशल मीडिया में दिखाया जा रहा है कि उत्तराखंड के जंगलों में आग बढ़ती जा रही है लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है. दिखायी जा रही तस्वीरे पुरानी हैं तथा इनमें से कई दूसरे देशों से संबंधित हैं. कृपया ऐसी भ्रामक खबरों से सावधान रहें.''

कैच फैक्ट चेक: क्या RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- कोरोना ने तोड़ी धर्म में मेरी आस्था 

First published: 28 May 2020, 16:25 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी