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कैच फैक्ट चैक : क्या मक्का-मदीना में देखा गया शिवलिंग, जानिए वायरल तस्वीर की सच्चाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2020, 17:01 IST

Catch Fact Check: सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल करना अब आम बात हो चुकी है. किसी पुरानी फोटो या वीडियो को नया बताकर उसे शेयर किया जाता है. कई बार ये सच्चाई से कोसों दूर होते हैं लेकिन लोग इसे सच समझकर सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं. ऐसी ही एक तस्वीर कई महीनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में मक्का-मदीना के बारे में एक दावा किया जा रहा है. तस्वीर में मुस्लिमों से घिरे एक पत्थर को शिवलिंग बताया गया है. कहा गया है कि ये मक्का मदीना में पहली बार देखा गया है

क्या है सच

हमारी सहयोगी वेबसाइट राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे को पूरी तरह गलत पाया. जांच पड़ताल के बाद सच्चाई सामने आई कि तस्वीर में दिख रहा पत्थर दरअसल काबा का एक कोना है, जिसे रुक्न-ए-यमनी कहते हैं. इसे इस्लाम में पवित्र माना जाता है. यह तस्वीर कई महीनों से वायरल हो रही है और हर बार यही दावा किया गया है.


यह हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो के साथ लिखा है "इतिहास में पहली बार मक्का मदीना का शिवलिंग दिखाया गया. कोई भी चुके नहीं- हर हर महादेव लिखने से". यह पोस्ट कई बार लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई है. हमारी फैक्ट चैक टीम ने सोशल मीडिया पर इस वायरल दावे की जांच शुरू की. हमने इस तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च किया और पाया कि इसे दरअसल रुक्न-ए-यमनी के नाम से जाना जाता है. रुक्न-ए-यमनी या यमन का कोना, असल में काबा की दीवार का वो कोना है, जो उसके दक्षिण-पश्चिमी छोर पर स्थित है. काबा की परिक्रमा करते समय इसको स्पर्श करना पवित्र माना जाता है.

फैक्ट चेक टीम ने इसके बाद रुक्न-ए-यमनी कीवड्र्स के साथ खोज की और पाया की कई यूट्यूब चैनल हैं, जहां वीडियोज में इसी जगह को दिखाया गया है. यह वीडियोज पिछले कई सालों से अपलोड किए गए हैं. कहीं भी इसके शिवलिंग होने की बात नहीं कही गई है. आगे खोज करने पर फैक्ट चेक टीम को सी.आई.सी. सऊदी अरब नामक एक वेरीफाइड ट्वीटर हैंडल मिला. यह सेंटर ऑफ इंटरनेशनल कम्यूनिकेशन का हैंडल है, जो सऊदी अरब के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मुख्य भूमिका निभाता है. इस हैंडल पर हमें एक मैप मिला, जिसमें इस कोने की अहमियत बताई गई है.

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वायरल तस्वीर में दिख रहा पत्थर शिवलिंग नहीं है, बल्कि इसे येमेनी कोना कहा जाता है. इस कोने के अलावा तीन और कोनों की अहमियत के बारे में भी इस मैप में बताया गया है. फैक्ट चैक टीम को जांच में पता चला कि मक्का मदीना में शिवलिंग के नाम से वायरल फोटो काबा का रुक्न ए यमनी है. यह इसका स्पर्श पवित्र माना जाता है. इससे साफ है कि मक्का मदीना में शिवलिंग दिखने का दावा पूरी तरह से गलत है.

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First published: 29 May 2020, 16:51 IST
 
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