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रेलवे ट्रैक पर गिर गया बच्चा तभी सामने से आ गई ट्रेन, वायरल वीडियो में देखें कैसे बची जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2021, 11:59 IST
A child fall down on railway track (Twitter)

कब किसके सामने मुसीबत आ जाए उस मुसीबत से निकालने के कौन मसीहा पहुंच जाए इसके बारे में भी कोई नहीं जानता. ऐसा ही एक नजारा महाराष्ट्र के एक रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला. जब एक बच्चा अपनी नेत्रहीन मां का हाथ पकड़कर प्लेटफॉर्म पर जा रहा था. तभी बच्चे का हाथ छूट गया और वह रेलवे ट्रैक पर जाकर गिर गया. तभी सामने से एक ट्रेन आ गई. नेत्रहीन बेबस मां क्या करती. उसे कुछ नहीं सूझा. उधऱ बच्चा भी रेलवे ट्रैक पर ट्रेन को आता देख डर गया और उठकर प्लेटफॉर्म पर चढ़ने की कोशिश करने लगा.

तब तक ट्रेन बच्चे के और पास आ गई. मां मदद के लिए चिल्लाती रही लेकिन कोई मदद के लिए नहीं पहुंच पाया. तभी एक शख्स बच्चे के लिए फरिश्ता बन गया. वह रेलवे ट्रैक पर तेजी से भागता हुआ आया और ट्रेन के बच्चे के पास तक पहुंचने से पहले बच्चे को उठाकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया साथ ही खुद भी प्लेटफॉर्म पर चढ़ गया. ये पूरी घटना प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. ये घटना महाराष्ट्र के वांगनी रेलवे स्टेशन पर घटी. सीसीटीवी वीडियो में देख रही तारीख और समय के मुताबिक, ये घटना 17 अप्रैल की शाम पांच बजकर 03 मिनट की है.


जब प्लेटफॉर्म पर एक महिला अपने बच्चे का हाथ पड़कर जाती दिखाई देती है. सीसीटीवी में आप देख सकते हैं अचानक से बच्चे का हाथ मां के हाथ से छूट जाता है और वह रेलवे ट्रैक पर गिर जाता है. उसी दौरान सामने से उद्यान एक्सप्रेस ट्रेन आ जाती है. बच्चा ट्रेन को देखकर उठकर भागता है. वहीं मां अपने बच्चे को बचाने के लिए कुछ नहीं कर पाती क्योंकि उसे कुछ दिखाई नहीं देता. बच्चे रेलवे ट्रैक से प्लेटफॉर्म पर चढ़ने की कोशिश करता है लेकिन ऊपर नहीं चढ़ पाता. ट्रेन कुछ ही मीटर की दूरी पर थी.

तभी रेलवे कर्मचारी मयूर शेलके बच्चे के बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पर दौड़ने नजर आते हैं. पहले तो मयूर शेलके ट्रेन को करीब आता देख ट्रैक से दूर हटने की कोशिश करते हैं लेकिन वह हिम्मत जुटाकर बच्चे की ओर दौड़ लगा देते हैं. वह जल्द से बच्चे को उठाते हैं प्लेटफॉर्म पर फेंक देते हैं साथ ही खुद भी प्लेटफॉर्म पर चढ़कर अपनी जान बचा लेते हैं.

शेलके बताते हैं कि वह ड्यूटी पर थे. जैसे ही उन्होंने बच्चे को रेलवे ट्रैक पर देखा वह बचाने के लिए दौड़ पड़े. उन्होंने बच्चे को ऊपर किया और जैसे तैसे चंद सेकेंड में खुद प्लेटफार्म तक आ गए. शेलके के इस साहस भरे कार्य पर रेलवे को भी नाज है. सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि शेलके रेलवे फील्ड वर्कर हैं जिनका काम यह देखना होता है कि ट्रेन सिग्नल सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं. हमें खुशी है कि शेलके ने नेत्रहीन मां की आवाज सुनी और उसके बच्चे को बचाया.

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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी शेलके के इस महान कार्य की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि शेलके ने जो किया है उसके लिए कोई पुरस्कार कम है. पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए कहा कि शेलके पर गर्व है जो उसने यह साहस दिखाया है. अपनी जान की बाजी लगाते हुए शेलके ने यह काम किया है. एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट की ओर से शेलके की बहादुरी के लिए 50 हजार का इनाम दिया है. बच्चे की मां संगीता शिरसत का कहना है कि जितना भी धन्यवाद दें वो कम है. अपनी जान की बाजी लगाकर उन्होंने मेरे बेटे की जान बचाई है. बता दें कि शेलके ने 6 महीने पहले ही रेलवे जॉइन किया है.

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First published: 20 April 2021, 12:01 IST
 
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