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अब हवा में हो जाएगी कोरोना वायरस की पहचान, रूस ने बनाई ऐसी डिवाइस

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2020, 9:17 IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के बीच रूस (Russia) ने पहले वैक्सीन बनाने का दावा कर दुनिया को चौंका दिया था. वहीं अब उसने एक ऐसी मशीन बनाने का दावा किया है जो बैक्टीरिया, विषाक्त पदार्थों और  कोविड- 19 (COVID-19) जैसे हवा से फैलने वाले पैथोजन्स का पता लगाने और उनका विश्लेषण करने में सक्षम है. रूसी राज्य मीडिया आरटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मशीन सेकेंड के भीतर संभावित खतरे की सूचना देता है, और किस स्त्रोत से यह फैल रहा है उसके बारे में जानकारी देता है.

इस मशीन को डिटेक्टर बायो नाम दिया गया है और इसे पहली बार शुक्रवार को मॉस्को के पास आयोजित सैन्य औद्योगिक सम्मेलन 'आर्मी 2020' के दौरान प्रदर्शित किया गया. इस डिवाइस को KMZ फैक्ट्री द्वारा प्रदर्शित किया गया था, जो  दुनियाभर में प्रसिद्ध जेनिथ कैमरा का निर्माण भी करती है. इसकी डेवलपर टीम में मास्को में गैमलेया इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी शामिल है, उसी संस्थान ने दुनिया की कोविड -19 वैक्सीन बनाने का दावा किया है.

डिटेक्टर बायो कोई पॉकेट गैजेट नहीं है, यह कुछ हद तक रेफ्रिजरेटर की तरह दिखता है. यह किसी केक के लेयर की तरह दिखती है, जिसमें बाहर से देखने पर कई छोटी-छोटी प्रयोगशालाएं दिखती हैं और अपना काम करती है.

मिनी-प्रयोगशालाओं के कारण यह डिवाइस कोरोनोवायरस, या हवा में रहने वाले किसी भी अन्य जहरीले पदार्थों का पता लगाता है. इस डिवाइस को बनाने वालों के अनुसार, एक स्पष्ट परिणाम के लिए डिवाइस विश्लेषण के दो चक्र चलाता है.

पहले चरण के दौरान यह आसपास की हवा के नमूने एकत्र करता है, और दस से पंद्रह सेकंड में वायरस, बैक्टीरिया या जहरीले पदार्थ का पता लगाता है. इस प्रक्रिया के दौरान यह नहीं पता चलता है कि जिस वायरस या बैक्टीरिया का इसने पता लगाया है, वो किसी प्रजाति का है. इसके बाद उपकरण तब यह निर्धारित करने के लिए हवा के नमूनों का एक और अधिक विस्तृत विश्लेषण करता है कि कौन सा पदार्थ या सूक्ष्म जीव मौजूद है, इस दौरान एक और दो घंटे लग सकते हैं.

डिटेक्टर बायो ऐसा पहला डिवाइस नहीं है जिसके लिए दावा किया गया हो कि वो कोरोना वायरस का पता लगा सकता है. इसके डेवेलपर्स का दावा है कि यह मुख्य रूप से सार्वजनिक स्थानों जिसमें मेट्रो, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे शामिल हैं, लगाने के लिए बनाया गया है.


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First published: 31 August 2020, 8:58 IST
 
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