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कोरोना वायरस का टीका लगाने के बाद पुतिन की बेटी की हो गई मौत? जानिए क्या है सच्चाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2020, 14:52 IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) के असर के कारण बीते सात महीने से भी अधिक समय से पूरी दुनिया परेशान है. अभी तक पूरे विश्व में 2 करोड़ 20 लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं जबकि 7 लाख 80 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इस वायरस का अभी तक कोई टीका नहीं बना है.

हालांकि, रूस (Russia) ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली (Russia Coronavirus Vaccine) है और उसने इसका रजिस्ट्रेशन करा लिया है. लेकिन वैज्ञानिकों ने रूस के इस दावे को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया, क्योंकि रूस ने इससे जुड़ी अधिक जानकारी नहीं दी.


दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि टीका सबसे पहले उनकी बेटी को लगाया गया था और उसमें वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई. वहीं अब दावा किया जा रहा है कि इसी वैक्सीन का दूसरा टीका जब पुतिन की बेटी को लगाया गया, तो उसकी मौत हो गई.

दरअसल, 15 अगस्त को एक मीडिया रिपोर्ट में पुतिन की बेटी के बारे में दावा किया गया कि जब रूस की COVID-19 वैक्सीन की दूसरा डोज उन्हें दि गय तो उसके बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी और डॉक्टर उन्हें बचाने में सफल नहीं हो पाए. यह दावा TorontoToday.net की रिपोर्ट में किया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, "व्लादिमीर पुतिन की बेटी को रूसी COVID वैक्सीन के अप्रत्याशित दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ा, और बाद में उनका मास्को में निधन हो गया. राष्ट्रपति भवन की तरफ से इस पर अभी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. रूस के आंतरिक सर्कल के भीतर एक स्रोत ने कहा कि पुतिन की बेटी - कतेरीना तिखोनोवा, को उसके दूसरे इंजेक्शन के तुरंत बाद तापमान में वृद्धि का सामना करना पड़ा, और फिर उन्हें एक दौरा आया.डॉक्टर्स वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स को रिवर्स नहीं कर पा रहे थे और कल देर रात उसे मृत घोषित कर दिया गया."

 

व्लादिमीर पुतिन ने अपनी बेटियों को अब तक दुनिया से छुपा कर ही रखा हुआ है. उनके बारे में काफी कम जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हैं. ऐसे में उनसे जुड़ी कोई जानकारी सामने आती है, तो उसकी पुष्टी रूसी मीडिया में जरूरत होती है. हालांकि, पुतिन की बेटी की मौत होना वो भी कोरोना वायरस की वैक्सीन से, यह खबर किसी से छुपती नहीं. क्योंकि रूस के ही कई वैज्ञानिकों मे देश में बन रही वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए हैं.

वहीं कई फेक्ट चैक बेवसाइट ने इस न्यूज को फेक बताया है. फैक्ट चैक बेवसाइट snopes के अनुसार, यह रिपोर्ट क्रेमलिन (राष्ट्रपति भवन की अधिकारिक वेबसाइट, रूस) की एक रिपोर्ट, पुतिन के एक बयान या विश्वसनीय समाचार आउटलेट द्वारा, नहीं बताई गई है. यह रिपोर्ट उस वेबसाइट पर पब्लिश हुई हैं, जो कुछ हफ्ते पहले बनाई गई थी.

इसके अलावा, दावे का समर्थन करने के लिए इस वेबसाइट द्वारा प्रदान किए गए "सबूत" विश्वसनीय नहीं हैं. TorontoToday.net इस दावे के लिए दो स्रोत प्रदान करता है, पहला, एक अनाम "रूस के आंतरिक सर्कल के स्रोत" जो व्यावहारिक रूप से घटना के बारे में कोई विवरण नहीं प्रदान करता है, और दूसरा, एक "टैरो कार्ड रीडिंग" YouTube वीडियो, जिसे वीडियो को बाद में यू-ट्यूब से हटा लिया जाता है.

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First published: 20 August 2020, 8:58 IST
 
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