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अगर आप भी खाते हैं तंबाकू या पीते हैं सिगरेट तो हो जाएं सावधान, इस राज्य में सरकारी नौकरी से धोना पड़ा सकता है हाथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 December 2020, 22:59 IST

वैसे तो सिगरेट पीना या फिर किसी भी तरह से तंबाकू का सेवन करना अच्छा नहीं होता है और अगर कोई व्यक्ति तंबाकू का सेवन करता है तो उसके शरीर पर उसका बुरा प्रभाव पड़ता है. लेकिन फिर भी कई लोग हैं जो तंबाकू का सेवन करते हैं. लोग तंबाकू का सेवन नहीं करे, इसको लेकर सरकार कई तरह से प्रयास करती हैं. हालांकि, फिर भी लोग तंबाकू का सेवन करते हैं. वहीं अगर आप झारखंड में सरकारी नौकरी का प्रयास कर रहे हैं और तंबाकू और सिगरेट का सेवन करतें हैं तो यह शौक आपको काफी भारी पड़ सकता है. क्योंकि सरकार ने सरकारी नौकरी का आवेदन करने वाले लोगों के सामने एक शर्त रखी है कि सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को अब एक शपथ पत्र देकर बताना होगा कि वो तंबाकू और सिगरेट का सेवन नहीं करेगा. बता दें, यह नियम अगले साल एक अप्रैल से लागू हो जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार ने सभी राज्य सरकारी कर्मचारियों को भी एक शपथ पत्र प्रस्तुत करने को कहा है, जिसमें लिखा होगा कि वो तंबाकू के किसी भी रूप का सेवन करने से बचेंगे. झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य अध्याय की बैठक में मंगलवार को सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA) को लागू करने के उद्देश्य से निर्णय लिया गया है. राज्य इसको लेकर जल्द ही एक अधिसूचना भी जारी करेगा.


सरकार की तरफ से इस संबंध में जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार, "सभी सरकारी कर्मचारियों को यह कहते हुए एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वे तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे. इसे 1 अप्रैल, 2021 से लागू किया जाएगा." इस प्रेस रिलीज के अनुसार, तम्बाकू उत्पादों में जिन चीजों को शामिल किया गया है उसमें सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा या सुपारी, के साथ-साथ हुक्का, ई-हुक्का, ई-सिगरेट और किसी भी नाम से इस्तेमाल होने वाला तम्बाकू उत्पाद फिर वो धूम्रपान हो या धूम्रपान रहित.

मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभागों को सभी जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को पत्र भेजने और प्रत्येक ग्राम सभा की बैठक में तंबाकू नियंत्रण चर्चा आयोजित करने के लिए कहा है. खबर के अनुसार, सरकार के सूत्रों ने कहा कि प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) नितिन कुलकर्णी ने इस विचार को आगे बढ़ाया है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इसका उल्लंघन करने वालों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई होगी या नहीं.

अप्रैल में, झारखंड ने कोविड -19 संक्रमण की संभावना में वृद्धि को देखते हुए, सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री और ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था. मंगलवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य में तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को लाइसेंस लेना होगा और अब इस कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा. पूरे राज्य में मात्र 150 लोगों ने यह लाइसेंस लिया है. इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य में तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकान बिना लाइसेंस के नहीं चलेगी. इतना ही नहीं जिन दुकानों ने लाइसेंस लिया है, वहां पर बिस्कुट, चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं होगी.

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First published: 3 December 2020, 22:59 IST
 
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